
imd rain alert
IMD Rain Alert in MP: बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) विकसित हो गया है। 48 घंटे में मजबूत होकर यह उत्तर पश्चिमी की ओर आगे बढऩा शुरू कर देगा। झारखंड-छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर पश्चिम की ओर से आगे बढ़ रहा है। इसके असर से 16 सितंबर से ग्वालियर समेत मध्य प्रदेश के ज्यादातर जिलों में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है। इस बार अतिवृष्टि की आशंका कम है, लेकिन मध्यम से तेज बारिश की भविष्यवाणी (Heavy Rain Predicted) की गई है।
पिछले तीन दिनों से जारी भारी बारिश का दौर शुक्रवार को थम गया। अति कम दबाव का क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ओर से निकल गया, जिसकी वजह से दिन में आसमान साफ रहा और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया, लेकिन रात में मौसम बदल गया। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई।
इससे मौसम में ठंडक आ गई। अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस कम रहा।
ग्वालियर-चंबल अंचल में बारिश ने पिछले 98 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बाढ़ ने जन-जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा है। वहीं अब मौसम विभाग ने 48 घंटे में एक बार फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव (Strong System Active) होने के कारण 16-17 सितंबर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि एमपी में अब तक रिकॉर्ड तोड़ बारिश हो चुकी है। वहीं नया सिस्टम एक्टिव होने से एक बार फिर बारिश रिकॉर्ड तोड़ेगी।
मौसम विभाग (IMD) ने 16-17 सितंबर से फिर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। आंधी-तूफान के साथ बारिश की आशंका जताई है।
बता दें कि ग्वालियर, भोपाल समेत 35 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है। यहां 100 से 195% तक बारिश हो चुकी है। एमपी में अब तक औसत 40.4 इंच बारिश हो चुकी है।
श्योपुर सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। यहां सामान्य की दोगुनी यानी, 195% तक बारिश हो चुकी है। तो मंडला में अब तक 55.6 इंच पानी बरस चुका है। 4 जिले- सीहोर, छतरपुर, शाजापुर और शहडोल ऐसे हैं, जहां 96 से 100% तक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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Updated on:
14 Sept 2024 04:09 pm
Published on:
14 Sept 2024 02:48 pm
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