
जिसने कर दी पूरी जिंदगी तबाह उसे मिली सिर्फ एक साल की सजा, जानिए क्या हुआ था कीर्ति के साथ
ग्वालियर। अवैध होर्डिंग के गिरने से 6 साल पहले अपने पैरों पर खड़े होने की ताकत खो चुकी कीर्ति सक्सेना के मामले में कोर्ट ने होर्डिंग के लिए जिम्मेदार कॉलेज संचालक भरत झंवर को एक साल की सजा सुनाई है। आरोपी पर पांच लाख रुपए का जुर्माना भी किया गया है। शहर का यह पहला मामला है, जिसमें होर्डिंग से हुई दुर्घटना के मामले में सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश बीपी शर्मा ने भरत झंवर को धारा 338 के अपराध में दोषी पाया है। कोर्ट ने आदेश दिए कि वह कीर्ति को क्षतिपूर्ति के रूप में पांच लाख रुपए अदा करें। इसके अलावा निगम एक्ट की विभिन्न धाराओं में 5,450 रुपए का जुर्माना भी किया गया है। आरोपी झंवर ने कोर्ट में एक लाख रुपए की राशि जमा कर दी है। एक साल की सजा के कारण आरोपी को जमानत पर छोड़ दिया गया।
बिल्डिंग के मालिक से भी नहीं ली थी अनुमति
कॉलेज संचालक ने जो होर्डिंग लगाया था, उसकी नगर निगम से कोई अनुमति नहीं ली थी, साथ ही बिल्डिंग के मालिक ने भी अनुमति नहीं दी थी। पहले भी एक बार होर्डिंग गिर चुका था, इसलिए उसे लगाने सेमना किया गया था। इसके बावजूद बिना सुरक्षा उपाय के होर्डिंग को तारों से बांध दिया था, जो दुर्घटना का कारण बना।
15 लाख के पैकेज की नौकरी छोडऩी पड़ी
कीर्ति का परिवार उसका सबसे बड़ा संबल बना। परिवार ने उपचार कराया और उसे कैट की परीक्षा दिलवाई, जिसमें उसे आइआइएम लखनऊ में दाखिला मिल गया। उसने मां डॉ.गीता सक्सेना के सहयोग से एमबीए किया। इसके बाद उसे विप्रो में 15 लाख के पैकेज पर नौकरी भी लग गई, लेकिन व्हील चेयर पर आ जाने के कारण नौकरी छोडऩी पड़ी।
कर रही हैं पीएचडी: नौकरी छोडऩे के बाद भी कीर्ति का संघर्ष जारी है। उसने हार नहीं मानी, वह आइआइएम लखनऊ से पीएचडी कर रही है। उसका पीएचडी के लिए अहमदाबाद और लखनऊ में चयन हो गया था, लेकिन लखनऊ को चुना।
अपील करेंगे : कीर्ति सक्सेना के अधिवक्ता राजेन्द्र जैन का कहना है कि न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के खिलाफ हम अपील करेंगे। अन्य धाराओं में आरोपी को दोषमुक्त करने के खिलाफ अपील की जाएगी।
जनहित याचिका : इस घटना के बाद शहर में अवैध होर्डिंग को लेकर एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई, जिसमें नगर निगम की ओर से कहा गया कि शहर में सभी होर्डिंग अवैध हैं, इसके बाद भी किसी पर कानूनी कार्रवाई हुई हो, ऐसा कोई प्रकरण सामने नहीं आया।
स्पाइनल कार्ड में लगी थी गंभीर चोट
मेहगांव शा.महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डॉ.आरके सक्सेना की बेटी कीर्ति उस समय एमआइटीएस कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग कर रही थी। 28 जून 2012 को स्कूटर से सिटी सेंटर रोड से जा रही थी, तभी सड़क किनारे बनी आनंददीप बिल्डिंग पर लगा विशाल होर्डिंग अचानक गिर पड़ा। उसके स्पाइनल कार्ड में गंभीर चोट लगने से उसकी जिंदगी व्हील चेयर पर सिमट गई।उसके कमर के नीचे के हिस्से के काम नहीं करने से वह अपने पैरों पर खड़े नहीं हो सकती है।
Updated on:
15 Aug 2018 12:11 pm
Published on:
15 Aug 2018 12:00 pm
