
साइकर ठगी का प्रतीकात्मक चित्र
ग्वालियर। साइबर जालसाज ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब बिना किसी फोन कॉल, ओटीपी या बैंक संबंधी जानकारी साझा किए भी खातों से रकम निकलने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही मामला हजीरा थाना क्षेत्र के गदाईपुरा में सामने आया है, जहां एक प्राइवेट कर्मचारी के बैंक खाते से जालसाजों ने 99 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़ित के मोबाइल पर जब खाते से रकम कटने का मैसेज आया, तब उसे ठगी का पता चला। पीड़ित का कहना है कि उसने न तो कोई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किया था और न ही किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी या बैंक से जुड़ी जानकारी दी थी।
हजीरा थाना पुलिस के मुताबिक गदाईपुरा, विजय नगर स्थित पाण्डे वाली गली निवासी 29 वर्षीय सचिन प्रताप धाकरे पुत्र बृजेंद्र सिंह धाकरे प्राइवेट नौकरी करता है। उसका बैंक ऑफ इंडिया में खाता है। 9 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे उसके मोबाइल पर अचानक बैंक खाते से 99 हजार रुपए कटने का मैसेज आया। मैसेज देखते ही सचिन के होश उड़ गए। उसने तत्काल अपने बैंक खाते की जानकारी देखी तो पता चला कि खाते में जमा रकम में से बड़ी राशि निकल चुकी है।
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके खाते में कुल 1 लाख 5 हजार रुपए जमा थे। इनमें से 99 हजार रुपए की रकम एक झटके में निकाल ली गई। ट्रांजेक्शन के बाद खाते में सिर्फ 6 हजार रुपए शेष रह गए। सचिन के मुताबिक उसने इस दौरान किसी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान नहीं किया था और न ही किसी व्यक्ति के साथ ओटीपी, एटीएम, बैंक खाते या अन्य गोपनीय जानकारी साझा की थी।
मैसेज मिलते ही 1930 पर की शिकायत
खाते से रकम निकलने का पता चलते ही सचिन ने देर किए बिना साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद अगले दिन सुबह बैंक शाखा पहुंचकर खाते को ब्लॉक कराया, ताकि बची हुई रकम को सुरक्षित रखा जा सके और आगे कोई और ट्रांजेक्शन न हो सके। पीड़ित ने पुलिस को बैंक खाते से संबंधित जानकारी और ट्रांजेक्शन का विवरण भी उपलब्ध कराया है।
किस खाते में पहुंची रकम, पुलिस खंगाल रही ट्रेल
शिकायत मिलने के बाद हजीरा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आइटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक से संबंधित ट्रांजेक्शन डिटेल हासिल कर रही है। इसके साथ ही नोडल अधिकारी के माध्यम से रकम की मनी ट्रेल खंगाली जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खाते से निकाली गई 99 हजार रुपए की रकम किस बैंक खाते, यूपीआइ खाते या डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर हुई। जिस खाते में रकम पहुंची है, उसके धारक की जानकारी जुटाकर उसे फ्रीज कराने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बिना ओटीपी साझा किए खाते से रकम किस माध्यम से निकाली गई।
साइबर पुलिस की ओर से लोगों को लगातार बैंक खाते में होने वाले संदिग्ध ट्रांजेक्शन पर तत्काल बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 को सूचना देने की सलाह दी जाती है। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और उसे होल्ड कराने की संभावना बढ़ जाती है।
Updated on:
27 Sept 2026 06:01 pm
Published on:
27 Sept 2026 05:59 pm
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