सेना के जवान को पसंद नहीं थी नौकरी, उठाया ऐसा कदम

सुबह सहकर्मियों को उसका शव फंदे पर लटका मिला

By: monu sahu

Published: 25 Apr 2018, 11:46 AM IST

ग्वालियर। सेना के रसोइये ने आधी रात के बाद फांसी लगा ली। सुबह सहकर्मियों को उसका शव फंदे पर लटका मिला। आत्महत्या से पहले उसने कॉपी में सुसाइड नोट भी लिखा। इसमें दिल का दर्द बयां किया कि सेना में उसे कुक बनना पड़ा है, नौकरी उसे कतई पंसद नहीं है। नोट तमिल भाषा में लिखा है इसलिए चिट्ठी का अनुवाद कराया जा रहा है। जवान के परिजन को भी घटना के बारे में बताया गया है। बुधवार को उनके आने के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया जाएगा।पुलिस ने बताया पीडी बालाराजू निवासी यादादरी, तेलंगाना १० जनवरी २०१८ को ग्वालियर आर्मी केंट में कुक के पद पर आया था।

 

यहां आर्मी की बैरक में करीब १० जवानों के साथ रहता था। सोमवार रात करीब १०:३० बजे तक उसने मैस में काम किया, सुबह करीब ६ बजे सहकर्मी सोकर उठे तो उन्हें बालाराजू का शव बैरक से करीब ५० मीटर दूर खाली पड़ी बैरक के टायलेट में फांसी पर लटका मिला। बालाराजू ने रस्सी से फांसी लगाई थी।

 

सहकर्मियों ने बताया किचिन में डयूटी होने की वजह से बालाराजू बैरक में सबसे आखिरी में आता था। उस वक्त तक अधिकतर सहकर्मी सो चुके होते थे। रात को बालाराजू बैरक में कब आया किसी को पता नहीं है। आशंका है बालाराजू किचिन से लौटने के बाद डिप्रेस हुआ है। उसने बैरक में आकर सुसाइड नोट लिखा, फिर आधी रात के बाद फांसी लगाई है। मुरार टीआई अजय पंवार के मुताबिक सेना के जवान के सुसाइड नोट को जप्त किया गया है।उसके परिजन के आने पर कई बातें और सामने आ सकती हैं।

 

परिजन बोले- सामने कराएंगे पोस्टमार्टम
बालाराजू का शव फांसी पर लटका मिलने से आर्मीकैंट में खलबली मच गई, सेना के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को बुलवाया। बैरक में रखे बालाराजू के सामान की तलाशी ली, इसमें एक कॉपी में सुसाइड नोट लिखा मिला। पुलिस का कहना है बालाराजू हिंदी और अंग्रेजी नहीं लिख पाता था, उसने नोट तमिल भाषा में लिखा है।

 

सेना में पदस्थ तमिल भाषा के जानकार से उसका अनुवाद कराया गया है। ट्रैडमैन बालाराजू ने इसमें लिखा है कि सेना में रसोइये की नौकरी उसे रास नहीं आ रहा है। उसे लगता है कि कुक का पद उसके लायक नहीं है। इसलिए वह दुखी है। उधर बालाराजू के परिजन ने पुलिस से फोन पर कहा है कि वह ग्वालियर के लिए रवाना हो रहे हैं, तब तक बालाराजू का शव सुरक्षित रखा जाए। उनके पहुंचने पर ही उसका पोस्टमार्टम कराया जाए।

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