
लोकसभा चुनाव में शहर के तीन विधानसभा क्षेत्रों में 45 पिंक बूथ बनाए जाएंगे। हर विधानसभा में 15-15 बूथ बनाने का फैसला लिया गया है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र की तीनों विधानसभा में 10-10 पिंक बूथ बनेंगे। जिले की छह विधानसभा में 75 पिंक बूथ बनाने का फैसला लिया गया है। इन बूथों का संचालन महिलाएं करेंगी। इसके अलावा मॉडल बूथ भी बनाए जाएंगे। शहर में 30 व गांव में 21 मॉडल बूथ बनेंगे। एक दिव्यांग और युवा बूथ भी बनेगा।
कलेक्टर रुचिका चौहान ने सोमवार को चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। मतदान केंद्र सहित कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर चर्चा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सेक्टर अधिकारी और निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी भी ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का संचालन अवश्य सीखें, जिससे मतदान के दिन जरूरत पड़ने पर मतदान दलों को तत्काल मदद मिल जाए।
उन्होंने बैठक में सेक्टर अधिकारियों से ईवीएम का संचालन करवाकर भी देखा। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग के किन-किन दिशा-निर्देशों का पालन कर मतदान कराया जाना है, उससे संबंधित सवाल भी पूछे। कहा, सभी एसडीएम, सेक्टर मजिस्ट्रेट व नोडल अधिकारी ईवीएम से मॉकपोल कराने और अनिवार्य प्रक्रियाओं का अभ्यास करें।
कलेक्टर ने कहा, बल्नरेबल एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों का चयन पूरी गंभीरता के साथ करें। एसडीएम ऐसे मतदान केंद्रों का स्वयं भ्रमण करें। साथ ही यह सुनिश्चित करें कि कौन से मतदान केंद्रों को क्रिटिकल श्रेणी में रखा जाना है, जिससे वहां सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम कर स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं निर्विघ्न ढंग से मतदान संपन्न कराया जा सके।
Updated on:
02 Apr 2024 12:17 pm
Published on:
02 Apr 2024 12:16 pm
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