प्रदेश की इस सीट पर 25 में से 23 प्रत्याशियों की जमानत जब्त,यहां देखें नाम

प्रदेश की इस सीट पर 25 में से 23 प्रत्याशियों की जमानत जब्त,यहां देखें नाम

monu sahu | Publish: May, 29 2019 10:01:02 AM (IST) Gwalior, Gwalior, Madhya Pradesh, India

कुल पड़े विधिमान्य मतों का छठवां हिस्सा नहीं जुटा पाए प्रत्याशी

ग्वालियर। लोकसभा चुनाव 2019 में प्रदेश की मुरैना लोकसभा सीट से चुनाव लडऩे वाले 25 में से 23 उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार भी इनमें शामिल हैं। केवल यह चुनाव जीतने वाले भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नरेंद्र सिंह तोमर व निकटतम प्रतिद्वद्वी रहे कांग्रेस प्रत्याशी रामनिवास रावत ही अपनी जमानत बचाने में कामयाब रहे। जमानत गंवाने वाले उम्मीदवारों में बसपा को छोडकऱ कोई भी उम्मीदवार अपने लिए पांच हजार वोट भी नहीं जुटा सका। सेवा मतदाता सहित मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र में कुल 18.37 लाख से अधिक मतदाता हैं। इनमें से 12 मई को हुए मतदान में 11 लाख 35 हजार 192 ने अपने मतदाधिकार का प्रयोग किया।

 

विधिमान्य इन मतों में से प्रत्येक उम्मीदवार के अपनी जमानत बचाने के लिए कम से कम एक लाख 89 हजार 199 मत लाना अनिवार्य था। लेकिन बसपा के करतार सिंह भड़ाना अपने लिए महज एक लाख 29 हजार 380 मत ही जुटा सके। विजेता रहे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को पांच लाख 41 हजार 689 मत प्राप्त हुए। जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी रहे कांग्रेस के रामनिवास रावत ने अपने लिए चार लाख 28 हजार 348 मत प्राप्त किए। बसपा को एक लाख 29 हजार 380 मत मिले। बाकी के 22 उम्मीदवारों को कुल मिलाकर महज 35 हजार 775 मत प्राप्त हुए।

 

लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग से होने पर 25 हजार रुपए की राशि बतौर अमानत जमा करवानी पड़ती है। जबकि अनुसूूचित जाति व जनजाति के उम्मीदवार को महज 12 हजार 500 रुपए की अमानत राशि जमा करानी होती है। लोकसभा चुनाव 2019 में अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग से चार उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इस प्रकार सामान्य व पिछड़ा वर्ग के 19 उम्मीदवारों की 25 हजार रुपए प्रति उम्मीदवार के मान से 4.75 लाख रुपए और अनूसूचित जाति व जनजाति के चार उम्मीदवारों की 12 हजार 500 रुपए के मान से 50 हजार रुपए की राशि राजसात की गई है। कुल जब्त राशि की 5.25 लाख रुपए है। बसपा को लोकसभा चुनाव 2019 में भी करीब 28 फीसदी मत प्राप्त हुए थे। अचानक हरियाणा से आकर यहां चुनाव लडऩे से और हेलीकॉप्टर से प्रचार कर सुर्खियां बटोरने वाले भड़ाना को 11 फीसदी के करीब ही वोट मिल पाए।

 

कुल मतदान का 97 फीसदी मत तीन प्रत्याशियों को
लोकसभा चुनाव 2019 में हुए कुल मतदान का 96.84 प्रतिशत मत भाजपा, कांग्रेस और बसपा के उम्मीदवारों ने ही प्राप्त किए हैं। तीनों दलों के उम्मीदवारों को कुल मिलाकर 10 लाख 99 हजार 417 मत प्राप्त हुए हैं। जबकि लोकसभा चुनाव में पड़े विधिमान्य मतों की संख्या 11 लाख 35 हजार 192 रही।

 

नामांकन निरस्त होने वालों की राशि भी होगी वापस
लोकसभा चुनाव में कुल 27 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र जमा कराए थे। इनमें से दो के नामांकन तकनीकी व कानूनी तौर पर निरस्त कर दिए गए थे। फॉरवर्डब्लॉक के महेंद्र सिंह तोमर के प्रस्तावक के हस्ताक्षर मैच न करने से नामांकन निरस्त किया गया था। जबकि सैयद जफर अली नामांकन जमा कराने के लिए जरूरी प्रस्तावक संख्या नहीं जुटा पाए थे। कलेक्टर एवं रिटर्निंग आफीसर मुरैना-श्योपुर संसदीय क्षेत्र प्रियंका दास ने इन दोनों उम्मीदवारों की जमा राशि भी वापस करने के आदेश दिए हैं। वहीं निर्दलीय नामांकन भरने के लिए शिवलाल शाक्य ने भी नामांकन पत्र खरीदा था,लेकिन नामांकन जमा नहीं कराया। नियमानुसार उनसे जमा कराई गई अमानत राशि भी वापस करने के आदेश दिए गए हैं।

 

इनकी जमानत जब्त
लोकसभा चुनाव लडकऱ जमानत जब्त कराने वाले उम्मीदवारों में बसपा के करतार सिंह भड़ाना प्रमुख हैं। इसके अलावा अशोक राजौरिया, धारा सिंह, नरेंद्र सिंह, पवन कुमार गोयल, पातीराम शाक्य, भंते संघ रतन, रणधीर सिंह रूहल, राजेश भदौरिया, रामलखन मीणा, विवेक, संजू शर्मा, तेजपाल सिंह रावत, तोफीक खान, धीरज सिंह मावई, प्रभू सिंह, बाजुद्दीन बाज, मेहबूब खान, मुन्ना, राजवीर, लक्ष्मी बघेल, सुमित मिश्रा एवं सोनू अग्रवाल शामिल हैं।

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