8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बड़ी खबर-जिसका कर दिया अंतिम संस्कार, वो घर लौट आया जिंदा

मध्यप्रदेश में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें घरवाले अपने ही बेटे को जिंदा देखकर हैरान रह गए, क्योंकि उस बेटे का अंतिम संस्कार उन्होंने खुद अपने हाथों से कर दिया था.
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ग्वालियर

•

image

Subodh Kumar Tripathi

•

Updated: 6 May 2022, 4:30 PM IST

shav1_1.jpg

ग्वालियर. मध्यप्रदेश में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें घरवाले अपने ही बेटे को जिंदा देखकर हैरान रह गए, क्योंकि उस बेटे का अंतिम संस्कार उन्होंने खुद अपने हाथों से कर दिया था, और जब उसकी अस्थियां लेने जा रहे थे, उससे कुछ देर पहले ही वह घर में आकर खड़ा हो गया, ऐसे में घरवालों सहित उसकी पत्नी तक हैरान की अगर ये जिंदा है तो किसका हमने अंतिम संस्कार किसका कर दिया।

इंदरगंज नौगजा रोड निवासी कुशवाह परिवार ने अपने बेटे रोहित कुशवाह का अंतिम संस्कार कर दिया, रोहित की पत्नी ने अपने पति के शव के सामने बैठकर रोते हुए मांग का सिंदूर पोछ लिया, उसने अपने हाथों में पहनी चूडिय़ां भी तोड़ दी, लेकिन पति और बेटे के अंतिम संस्कार के २४ घंटे बाद ही रोहित खुद घर आकर खड़ा हो गया, ऐसे में पूरे घरवालों की आंखें फटी की फटी रह गई। वे अब ये सोचकर परेशान है कि आखिर ये जिंदा है, तो जो मरा था वो कौन था।

ये है पूरा मामला
दरअसल, शहर के महाराज बाड़ा स्थित महिला पार्क में करीब दो दिन पहले एक युवक की शव मिला था, पुलिस ने इस शव की पहचान नहीं होने व कोई शख्स सामने नहीं आने पर उसे डेड हाउस में रखवा दिया व उसकी पहचान के लिए शव का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था, वहीं दूसरी ओर इंदरगंज के नौगजा रोड निवासी रोहित कुशवाह भी पिछले आठ-दस दिन से लापता था, ऐसे में रोहित के परिजनों ने सोशल मीडिया पर चल रहे इस फोटो को देखा तो उन्हें कुछ-कुछ रोहित जैसा ही लगा, इसके बाद वे थाने पहुंचे और शव की शिनाख्त रोहित के रूप में की। उन्होंने देखा कि शव का एक हाथ और पैर खराब है, वैसे ही रोहित का भी एक हाथ और पैर खराब था, इस कारण उन्हें वह शव रोहित का ही लगा, परिजनों द्वारा उसकी पहचान रोहित के रूप में करने के बाद पुलिस ने शव का पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया, इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया, रोहित पत्नी ने शव के पास बैठकर की रोते हुए मांग का सिंदूर पोछ लिया और चूडिय़ां भी तोड़ दी थी, लेकिन जब वे रोहित की अस्थियां लेने जाने वाले थे, ठीक उसके कुछ देर पहले रोहित खुद आकर खड़ा हो गया, उसे देखकर घरवाले हैरान तो रह गए, लेकिन उन्हें बेटे के जिंदा होने की खुशी भी थी।

रोहित चला गया था मंदिर
रोहित ने बताया कि वह बेपुरा माता के दर्शन करने चला गया था, इसके बाद वह अपने ससुराल पहुंच गया था, जहां उसे पता चला कि उसका तो अंतिम संस्कार हो गया है, और परिजन उसके फूल लेने के लिए श्मशान जा रहे हैं, इसके बाद वह तुरंत पहुंचा और घरवालों के सामने जाकर खड़ा हो गया। अब पुलिस भी हैरान की आखिर ये जिंदा है तो वह कौन था जिसे कागजों में रोहित समझकर मृत घोषित कर दिया, वहीं परिजन भी इस टेंशन में है कि उन्होंने दूसरे का अंतिम संस्कार कर दिया।