ये है पूरा मामला
दरअसल, शहर के महाराज बाड़ा स्थित महिला पार्क में करीब दो दिन पहले एक युवक की शव मिला था, पुलिस ने इस शव की पहचान नहीं होने व कोई शख्स सामने नहीं आने पर उसे डेड हाउस में रखवा दिया व उसकी पहचान के लिए शव का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था, वहीं दूसरी ओर इंदरगंज के नौगजा रोड निवासी रोहित कुशवाह भी पिछले आठ-दस दिन से लापता था, ऐसे में रोहित के परिजनों ने सोशल मीडिया पर चल रहे इस फोटो को देखा तो उन्हें कुछ-कुछ रोहित जैसा ही लगा, इसके बाद वे थाने पहुंचे और शव की शिनाख्त रोहित के रूप में की। उन्होंने देखा कि शव का एक हाथ और पैर खराब है, वैसे ही रोहित का भी एक हाथ और पैर खराब था, इस कारण उन्हें वह शव रोहित का ही लगा, परिजनों द्वारा उसकी पहचान रोहित के रूप में करने के बाद पुलिस ने शव का पीएम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया, इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया, रोहित पत्नी ने शव के पास बैठकर की रोते हुए मांग का सिंदूर पोछ लिया और चूडिय़ां भी तोड़ दी थी, लेकिन जब वे रोहित की अस्थियां लेने जाने वाले थे, ठीक उसके कुछ देर पहले रोहित खुद आकर खड़ा हो गया, उसे देखकर घरवाले हैरान तो रह गए, लेकिन उन्हें बेटे के जिंदा होने की खुशी भी थी।