देह व्यापार के लिए बदनाम शिवपुरी में ' स्मैक ' का धंधा जोरों पर, लड़कियों को भी लगी लत

स्मैकी लडक़ी की मौत के बाद उसके साथी मुहल्ले में लाश छोड़ कर भागे

By: Gaurav Sen

Published: 07 Jul 2019, 03:10 PM IST

शिवपुरी। शहर में नशे का कारोबार जितनी तेजी से फल-फूल रहा है, उतनी ही रफ्तार से युवा इसकी गिरफ्त में आते जा रहे हैं। अभी तक तो युवक ही इस नशे के आदी हो रहे थे, लेकिन अब तो युवतियां भी इसके शिकंजे में फंसती जा रही हैं। एक तरफ जहां स्मैक का चलन बढ़ा है, वहीं नशे के इंजेक्शन भी बेरोकटोक धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। शहर के कमलागंज व फतेहपुर क्षेत्र में खुले मेडिकल स्टोरों पर 11 रुपए का यह इंजेक्शन 50 रुपए में उपलब्ध कराया जा रहा है। बताया तो यहां तक जाता है कि कई युवा नशे के इतने आदी हो गए हैं कि वे स्मैक को इंजेक्शन में मिलाकर उसे अपनी नसों में भर रहे हैं।

गौरतलब है कि पिछले डेढ़ साल से शिवपुरी शहर में स्मैक की खपत इस कदर बढ़ी है कि गुना व राजस्थान क्षेत्र से बड़ी मात्रा में यह नशा शिवपुरी पहुंचने लगा। जो युवा एक बार इसका आदी हो गया तो फिर उसके लिए इससे दूर जाना मुश्किल हो जाता है। नशे की मांग अभी तक कॉलेज स्टूडेंट्स की रहती थी, लेकिन अब यह स्कूलों के आसपास भी पहुंचने लगा है।

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पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने लगभग दो दर्जन से अधिक लोगों को स्मैक के साथ पकड़ा है। बताया जाता है कि जो एक बार ड्रग लेता है तो फिर वो इसका इतना आदी हो जाता है कि उसे पाने के लिए वो न केवल अपने घर में ही चोरी करता है, बल्कि ड्रग सप्लाई में भी शामिल हो जाता है। पुलिस की नजर में अभी तक पुरुष कारोबारी ही नजर में आए, लेकिन अब यह खुलासा भी हो गया कि शहर की युवतियां व महिलाएं भी ड्रग एडिक्ट होने के साथ-साथ उसकी सप्लाई भी कर रही हैं।

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महत्वपूर्ण बात यह है कि इस रैकेट में कहीं न कहीं पुलिस के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं, जिसके चलते यह धंधा बेरोकटोक फल-फूल रहा है। देहात थाने में पदस्थ आरक्षक विजय रावत का नाम भी कईबार इस कारोबार से जुड़े लोगों के साथ होने की शिकायतें पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचीं। पुलिस ने हर बार अभियान चलाकर सिर्फ नशा करने वालों को पकडकऱ उनसे बहुत कम मात्रा में स्मैक जब्त की, जबकि नशा लाने वाले रैकेट पर कभी हाथ नहीं डाला। गौरतलब है कि शिवपुरी शहर में इन दिनों एविल के इंजेक्शन को नशे के रूप में लिया जा रहा है। यह इंजेक्शन 10 एमएल का 11 रुपए में बिकता है, जिसे केवल डॉक्टर के पर्चे पर ही दिया जा सकता है। लेकिन यह इंजेक्शन कई मेडिकल स्टोरों पर 50 रुपए में बिना किसी पर्चे के नशेडिय़ों को बेचा जा रहा है।

देह व्यापार ने शहर के बाहर पकड़ी रफ्तार
शिवपुरी शहर में देह व्यापार का धंधा सालों पुराना है। 4 दशक से देह व्यापार यहां चल रहा है। शहर के बीचोंबीच देह व्यापार के लिए चर्चित क्षेत्र था। लेकिन प्रशासन की सख्ति और आम जनता के विरोध के चलते शहर में से देहव्यापार कम हो गया लेकिन खत्म नहीं हुआ। अब शहर के बाहरी इलाकों और गांवों ने यह गंदा धंधा अपने पैर पसार रहा है। शिवपुरी शहर में तो देहात थाने के पास ही देह व्यापार का धंधा चलता था। इससे यह साफ है कि पुलिस की मिलीभगत से ही यह सब हो रहा है। वैसा ही कुछ हाल स्मैक के साथ है। पुलिस दिखावे के लिए स्मैक का नशा करने वालों को पकड़ रही है लेकिन स्मैक सप्लाई करने वालों को छोड़ती नजर आ रही है।

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