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सोमवती अमावस्या 2018 : पंचोपचार से करें सोमेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना

सोमवती अमावस्या 2018 : पंचोपचार से करें सोमेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना
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ग्वालियर

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monu sahu

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Updated: 16 Apr 2018, 2:07 PM IST

somvati amavasya

ग्वालियर। कई सालों के इंतजार के बाद इस बार सोमवती अमावस्या पर एक विशेष योग बन रहा है। इस बार सोमवती अमावस्या 16 अप्रैल 2018 को पड़ रही है। बैशाख मास के कृष्ण पक्ष में भगवान शिव के दिन सोमवार को अश्विन नक्षत्र में सूर्य और चंद्रमा एक साथ आ रहे हैं। ये अपने आप में अनोखा मेल है,जो करीब २५ वर्ष बाद दोहराई जा रही है। पंडित नरेंद्रनाथ पाण्डेय ने बताया कि ये अत्यंत शुभ अवसर है। ये व्रत विवाहित स्त्रियां अपने पतियों की दीर्घायु की कामना से करती हैं।

उन्होंने बताया कि सोमवती अमावस्या 16 अप्रैल को मनाई जाएगी। स्कंद पुराण के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन शिव मंदिर में जाकर भगवान शंकर का पंचोपचार पूजन कर सोमेश्वर महादेव का ध्यान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। सोमवती अमावस्या के दिन गंगा स्नान, तीर्थों में स्नान,जप, हवन, ब्राह्मण भोजन और पितृ तर्पण से वंश वृद्धि एवं सुख समृद्धि मिलती है।

विशेषकर पुष्कर योग की उपमा
पंडित नरेंद्रनाथ पाण्डेय ने बताया कि मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार सोमवती अमावस्या को विशेषकर पुष्कर योग की उपमा दी गई है। इस दिन किए गए दान, मंत्र जाप का फल हजारों गौ दान के बराबर मिलता है। प्रथम सोमवती अमावस्या 16 अप्रैल को दूसरी सोमवती अमावस्या 4 फरवरी 2019 को होगी। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल सुबह 8.12 बजे वृष लग्न में जगत लग्न का उदय हो गया।

18 अप्रैल को शनि होंगे वक्री
ज्योतिर्विद राजेंद्र शर्मा के अनुसार सूर्य पुत्र शनि 18 अप्रैल को सुबह 7.17 बजे वक्री हो जाएंगे। इस बार शनि अक्षय तृतीया यानी परशुराम जयंती के दिन वक्री हो रहे हैं। अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त की श्रेणी माना जाता है। इस शुभ दिन इस वर्ष के मंत्री शनि का वक्री होना शनि प्रधान व्यक्तियों के लिए विशेष शुभ प्रद रहेगा, लेकिन जिन जातकों की राशि में शनि अशुभ प्रभाव में हैं उस अशुभता में वृद्धि भी अधिक रहेगी। शनि का धनु राशि में वक्रत्व काल 6 सितंबर तक रहेगा।

स्नान-दान का महत्व
सोमवती अमावस्या के दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु होने की कामना के साथ विधि-विधान से व्रत करती हैं। तीर्थ स्थलों पर जाने व गंगा, नर्मदा, क्षिप्रा आदि नदियों में पितृ तर्पण एवं दान करने का विशेष महत्व है। सोमवती अमावस्या पर पूजन करना परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि प्रदान करता है।