
शस्त्र लाइसेंस फॉर्म, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source: AI Image)
Gwalior news: मध्यप्रदेश के ग्वालियर, भिंड और मुरैना शहर में बंदूक रखना स्टेटस सिंबल बन चुका है। आपको जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश में सबसे ज्यादा लाइसेंसी हथियार ग्वालियर-चंबल अंचल में हैं। कहा जाता है कि यहां लोगों के पास हथियार होना आम बात है। कुछ लोग इसे सुरक्षा के लिए रखते हैं तो कुछ के लिए ये स्टेटस सिंबल बना हुआ है। भिंड में अब तक 23200 आर्म लाइसेंस जारी किये गए हैं। वहीं मुरैना में 24426 हथियार लाइसेंस लोगों के पास हैं। इन सभी में सबसे अधिक संख्या ग्वालियर में है। यहां 34142 आर्म लाइसेंस जारी हुए हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि ग्वालियर में बीते साल कई महीनों तक हथियार के लाइसेंस जारी नहीं किए गए इसके बावजूद लाइसेंसी बंदूकों से अपराधिक घटनाओं के कई मामले पूर्व में सामने आ चुके हैं जिसको लेकर पुलिस और प्रशासन दोनों सख्त हो चुके है। इसी कड़़ी में आज हम आपको बताएंगे कि हथियार का लाइसेंस कैसे, कहां बनता है। इसको लेकर सरकार की क्या नियम और शर्तें हैं। किसको मिल सकता है।

शस्त्र लाइसेंस पोर्टल
भारत का कोई भी नागरिक जिसकी उम्र 21 साल या उससे अधिक होनी चाहिए, तभी उसको लाइसेंस मिल सकता है। आर्म्स एक्ट, 1959 के तहत आत्मरक्षा के लिए इसे लिया जा सकता है। एमपी में ऑनलाइन एप्लीकेशन की सुविधा उपलब्ध है। उस एप्लीकेशन में आप को यह भी स्पष्ट करना होगा कि रिवॉल्वर, राइफल, अलग-अलग बोर की एक नाली, दोनाली ऑटोमेटिक बंदूक में किस तरह के शस्त्र का लाइसेंस आप चाहते हैं।
आप केवल ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत आवेदक भारत सरकार के पोर्टल https://ndal-alis.gov.in/ पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदक स्वयं अपनी आईडी बनाकर आवेदन कर सकते हैं या फिर एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसके लिए आपको फीस भी देनी पड़ती है।
शस्त्र के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय आपको कारण बताना होगा कि आपको शस्त्र की जरूरत क्यों है। किन खतरों और कारणों के कारण आप आवेदन कर रहे है। सारी जानकारी आपको स्पष्ट रूप से बतानी होगी। आपके जवाब के बाद ही प्रशासन तय करेगा कि आगे की प्रकिया करनी चाहिए या नहीं।
इसके बाद पुलिस टीम की तरफ से आपके घर पर सत्यापन किया जाएगा। ताकि यह प्रमाणित किया जा सके कि आप पर कोई आपराधिक आरोप नहीं हैं और आप समाज के लिए खतरे का कारण नहीं हैं। इसके बाद ही लाइसेंस शर्तों के साथ जारी होगा। बता दें कि लाइसेंस हासिल करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। इसका सरकारी डॉक्टर से बना मेडिकल सर्टिफिकेट भी एप्लीकेशन के साथ अनिवार्य है।
अगर आपके ऊपर किसी भी प्रकार का आपराधिक मामला दर्ज है तो आपको लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। यह प्रावधान भारतीय कानून के तहत सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू किया गया है।
Updated on:
03 Sept 2026 02:20 pm
Published on:
03 Sept 2026 02:20 pm
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