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संदूक में बच्ची का शव : पत्नी गई पीहर तो मामा ने मासूम के साथ किया बलात्कार… रोंगटे खड़े करने वाले हैं पुलिस के खुलासे

हनुमानगढ़ जिले में बच्ची का शव संदूक में मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आरोपी मामा ने बच्ची की हत्या करने से पहले उसके साथ बलात्कार की वारदात को अंजाम दिया था।

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hanumangarh girl Case

गिरफ्तार आरोपी और बरामद संदूक (फोटो सोर्स-पत्रिका)

हनुमानगढ़। टाउन क्षेत्र से जन्माष्टमी की शाम लापता बालिका की हत्या कर शव संदूक में रखने के मामले में पुलिस ने मंगलवार को आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उसने पहले मासूम को हवस का शिकार बनाया और फिर अपना कुकृत्य छिपाने की मंशा से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

शव को कहीं फेंकने की मंशा से उसे बोरी में डाल दिया। मगर उससे पहले ही परिजनों व पुलिस ने बालिका की सघन तलाश शुरू कर दी। इससे आरोपी को शव ठिकाने लगाने का मौका नहीं मिला। उसने घर में ही संदूक में शव को छिपा दिया जिससे बदबू उठने पर राजफाश हो गया।

पुलिस ने क्या बताया ?

एसपी हरीशंकर यादव ने बताया कि रविवार को बालिका के पिता ने रिपोर्ट दी थी कि शनिवार को उसकी पुत्री पड़ोस में रिश्तेदार के घर जाने का कहकर गई थी, वह अब तक घर नहीं पहुंची। अज्ञात व्यक्ति पुत्री को बहलाकर ले गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एसपी ने बताया कि पुलिस टीम ने पड़ताल कर 48 घंटे में मामले का खुलासा कर वारदात को अंजाम देने के आरोपी रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी ने ऐसे दिया वारदात को अंजाम

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकारा कि शनिवार शाम सात बजे वह घर पर था। बालिका घर आई तो उससे दुष्कर्म किया। बालिका के बेहोश होने पर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। शव को बोरी में लपेटकर संदूक में बंद कर दिया। इसके बाद बालिका के पिता व अन्य परिजनों के साथ उसकी तलाश में शामिल रहा। गौरतलब है कि आरोपी युवक दूर के रिश्ते में मृतका के पिता का मामा लगता है। आरोपी ढाबे पर काम करता है। उसकी पत्नी प्रसव के लिए डेढ़ माह से पीहर गई हुई है। वारदात के समय वह घर पर अकेला था।

क्या रहा घटनाक्रम ?

शनिवार शाम को नौ वर्षीय बालिका घर के पास खेल रही थी। जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटी तो उसकी तलाश शुरू कर दी गई। पहले परिजनों ने अपने स्तर पर खोज की। फिर पुलिस को सूचना दी गई। बालिका शाम करीब सवा छह बजे घर के पास शराब ठेके के निकट लगे कैमरे में अंतिम बार दिखी थी। वहां से आगे जिस गली में वह गई, उसमें करीब सौ फीट आगे स्थित दुकान पर कैमरा लगा हुआ है। मगर उसकी फुटेज में बालिका नहीं दिखी। ऐसे में पुलिस ने दोनों कैमरों के बीच के इलाके में गहन पड़ताल की और वहीं गली में आरोपी युवक का मकान है। पुलिस ने रविवार रात युवक को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की। इसके बाद सोमवार दोपहर को उसके घर से सड़ी अवस्था में शव बरामद किया गया।

ना हो पहचान उजागर

विशिष्ट न्यायालय पोक्सो के पूर्व एपीपी विनोद डूडी कहते हैं कि पोक्सो एक्ट की धारा 23 में मीडिया के लिए उल्लेख किया गया है कि वह इस तरह के प्रकरणों के पीड़िता एवं उनके परिवार की किसी भी तरीके से पहचान उजागर नहीं करें। सोशल मीडिया यूजर भी इसका विशेष ध्यान रखें। पोक्सो जैसे गंभीर अपराध बढ़ते रहे हैं जिसके लिए पुलिस, कानून और प्रशासन को सतर्कता की आवश्यकता है। साथ ही सरकार को नाबालिगों की सुरक्षा के लिए सुनियोजित संस्था की स्थापना करनी चाहिए।