इसके लिए 290 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हो चुका है। इससे पेयजल पाइप लाइन के अलावा शेष रही सीवरेज की चालीस प्रतिशत पाइप लाइन डालने का कार्य भी शामिल है। अधिकारियों का दावा है कि यह कार्य पूर्ण होने के बाद हनुमानगढ़ शहर में कहीं भी पेयजल की किल्लत नहीं होगी। लीकेज की समस्या भी दूर होगी। इससे मटमैले पानी की आपूर्ति की शिकायत स्वत: ही कम हो जाएगी।