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भाई की शादी के लिए नहीं आया था कार्ड, तो बहनों ने उठाया ये बड़ा कदम

जिले में अरवल के कैथा पुरवा गांव में महिला ने मायके से भाई की शादी के लिए बुलावा न मिलने से आहत होकर जान दे दी।
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हरदोई

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Mahendra Pratap Singh

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Updated: 16 May 2018, 3:56 PM IST

Sisters big step about brother marriage

हरदोई. जिले में अरवल के कैथा पुरवा गांव में महिला ने मायके से भाई की शादी के लिए बुलावा न मिलने से आहत होकर जान दे दी। बहन ने अपने भाई की शादी में मां बाप द्वारा कार्ड न देने और शादी में न बुलाए जाने से गुस्साई बहन ने अपने ससुराल में घर में फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली और अपने पीछे तीन बच्चों को ममता से महरूम करके दुनिया से रुखसत हो गई।

फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली

खबर पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया। मृतिका के पति ने अपनी पत्नी बबली 30 वर्ष की मौत की जानकारी दी और अपनी सास पर अपनी पत्नी को शादी में न बुलाने और पत्नी से अपशब्द कहने का आरोप लगाया। पति भगवानदीन ने कहा कि मेरी पत्नी अपने भाई की शादी में न बुलाए जाने का सदमा बर्दास्त न कर पाई और उसने मुझको घर से बाहर काम पर भेज दिया और खुद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका के पति ने पुलिस कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र थाना अरवल में दे दिया है। पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई करने की बात कह रही है। अभी कोई भी पुलिस अधिकारी इस मामले पर नहीं बोलना चाहता है।

जान देने बाली दो बहनों के मामले में परिजनों को जेल

करीब एक माह पूर्व थाना हरियावां इलाके के एक गांव मे रहस्यमय हालात में दो बहनों द्वारा फांसी लगाकर जान देने के मामले में पुलिस ने जांच पूरी करते हुए मामले में माता पिता को आत्महत्या के लिए प्रथम द्रष्टया जिम्मेवार मानते हुए जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि माता पिता के तानों और व्यवहार से आहत होकर ही दोनों ने आत्महत्या की थी। इससे पहले भी इन्हीं दोनों की बड़ी बहन ने भी उसी कमरे में आत्महत्या कर ली थी। जिसमें इन दोनों ने लटक कर जान दी थी। हरियावां के मरई गांव में रहने वाले शिवकुमार की दो लड़कियों प्रिया और रुसी जो इंटर और ग्यारहवें क्लास की छात्राएं थी ने अपने एक दुपट्टे से एक साथ लटककर आत्म हत्या कर ली थी। जब ये घटना घटी थी। तब इनके माता पिता घर पर नहीं थे औऱ घर में कोई नहीं था।

माता पिता को जिम्मेदार मानते हुए जेल भेज दिया

इस घटना को और भी रहस्यमय बना दिया था। इस खुलासे ने करीबन पांच वर्ष पहले शिवकुमार की बड़ी बेटी उमाकांति ने भी इसी कमरे के इसी धन्नी में दुपट्टे से लटककर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी। उसी कमरे में उसी किसान की दो बेटियों उसी कमरे की उसी धन्नी में एक ही दुपट्टे में लटककर फांसी लगाकर और अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। पुलिस ने प्रथम दृष्टया घटना को आत्मह्त्या का मामला ही मानते हुए जांच शुरू की और आत्महत्या के लिए माता पिता को जिम्मेदार मानते हुए जेल भेज दिया है।