
हाथरस। एसटीएफ द्वारा रोडवेज बसों में फर्जी टिकट बनाने के रैकेट के पकड़े जाने के बाद अब एआरएम हाथरस जीएस शर्मा ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने डिपो के 14 संविदा कर्मियों को बर्खास्त कर दिया है। हालांकि अधिकारियों द्वारा इसकी वजह कम आमदनी अर्जित करना और अन्य तकनीकी कारण बताए जा रहे हैं। लेकिन यह माना जा रहा है कि इस रैकेट के पकड़े जाने के बाद संदेह के घेरे में आए कुछ अन्य कर्मियों को सबक सिखाने के लिए यह कार्रवाई की गई है। अचानक 14 कर्मियों के बर्खास्त होने से हर तरफ इसी की चर्चा हो रही है।
इगलास में एसटीएफ द्वारा पकड़े गए रैकेट के तार जुड़े थे हाथरस से
कुछ दिन पहले अलीगढ़ जिले के इगलास में एसटीएफ़ ने छापेमारी कर रोडवेज बसों में फर्जी टिकट बनाने वाले एक रैकेट को पकड़ा था। एसटीएफ ने एक परिचालक और एक बुकिंग क्लर्क सहित 11 लोग पकड़े थे। गिरोह का सरगना परिचालक देवेंद्र और बुकिंग क्लर्क मेघ सिंह हाथरस डिपो के ही कर्मचारी थे, जिससे इस डिपो के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी संदेह के घेरे में आ गए थे। यही नहीं कुछ बड़े अधिकारियों पर शक की सुई घूमी थी।
एआरएम ने की बड़ी कार्रवाई
इसके बाद एआरएम हाथरस जीएस शर्मा ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने डिपो के 14 संविदाकर्मियों को एक साथ बर्खास्त कर दिया है। इसमें आठ परिचालक और छह चालक शामिल हैं। शर्मा का कहना है कि जिन परिचालकों की सेवा समाप्त की है, उन्होंने काफी कम आमदनी डिपो को दिलाई। साथ ही उन चालकों की सेवा समाप्त की है, जिनके चालक रहते हुए बसों ने औसत से ज्यादा डीजल खर्च किया। सूत्रों की मानें तो कुछ ऐसे संविदा कर्मी भी शामिल हैं, जिन पर इस रैकेट में शामिल होने का संदेह था, लेकिन उनके खिलाफ अभी सबूत नहीं मिले हैं। उनकी पहले से ही रोडवेज से छुट्टी कर दी गई है। यह भी माना जा रहा है कि अभी इसी जांच-पड़ताल के चलते कुछ और कर्मचारियोें पर स्थानीय स्तर पर गाज गिरेगी। इसके लिए रिकॉर्ड बारीकी से खंगाले जा रहे हैं।
Published on:
27 Aug 2018, 10:16 AM IST
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