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हाथरस। थाना सासनी इलाके में मिली लाश को पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाने पर मृतक के परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। परिजनों का आरोप है कि लाश की पहचान उजागर होने के बावजूद पुलिस ने शव उन्हें नहीं दिखाया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। नाराज परिजनों ने जिला अस्पताल जाकर शव को कब्जे में लिया और अस्पताल के बाहर सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। जाम खुलवाने गए कोतवाल जसवंत पवार के कहने पर जब परिजन नहीं माने तो उन्होंने लाठी चला दी। इससे मामला और बिगड़ गया। गुस्साए परिजनों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। बाद में सीओ सिटी सुमन कनोजिया के समझाने पर मामला शांत हुआ। घटना थाना हाथरस गेट क्षेत्र के जिला अस्पताल के बाहर की है।
यह था पूरा मामला
हाथरस जिले के थाना सासनी क्षेत्र के गांव लड़ोटा में सड़क पर एक व्यक्ति का शव सुबह पड़ा मिला था। मृतक की जेब में मिले आधार कार्ड और पैन कार्ड के आधार पर उसकी शिनाख्त चंद्रमोहन निवासी नगला गजुआ के रूप में हुई थी। चौकीदार द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गयी थी। इसके बाद पुलिस मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लेकर आ गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें मृतक के शव को दिखाया तक नहीं।
इसको लेकर परिजनों ने जब हंगामा काटा तो पुलिस ने लाठी चला दी। परिवार की एक बुजुर्ग महिला को धक्का देकर गिरा दिया। इससे गुस्साए परिजनों ने जिला अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। जिला अस्पताल के बाहर सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पर थाना हाथरस गेट पुलिस पहुंचकर लोगों को समझा रही थी, तभी जाम की सूचना पर पहुंचे सदर कोतवाली प्रभारी जसपाल पवार ने परिजनों पर लाठी चला दी। इससे मृतक के परिजन गुस्से में आ गए और पुलिस से उनकी झड़प हो गयी।
सीओ के समझाने पर मामला शांत हुआ
हंगामे की सूचना मिलते ही सीओ सिटी सुमन कनोजिया मौके पर आ गयीं। उन्होंने गुस्साए लोगों को समझाया, तब जाकर मामला किसी तरह शांत हुआ। परिजनों का आरोप है कि चंद्रवीर की हत्या कर शव को सड़क पर फेंका गया है। जबकि पुलिस इसे एक्सीडेंट का केस बता रही है। इस मामले में सीओ सिटी का कहना है कि परिजनों की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
05 Oct 2018 02:59 pm
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