
पेट के निचले हिस्से में दर्द अपेंडिक्स हो सकता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Appendectomy Hindi: अगर पेट के निचले दाएं हिस्से में अचानक ऐसा दर्द उठे जो उठने-बैठने या खांसने पर भी और तेज हो जाए, तो इसे सामान्य गैस का दर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जॉन हॉपकिन्स के मुताबिक, यह अपेंडिसाइटिस (Appendicitis) यानी अपेंडिक्स में इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। अपेंडिक्स हमारी आंत से जुड़ी एक छोटी सी थैलनुमा नलकी होती है। जब इसमें सूजन या इन्फेक्शन आ जाता है, तो डॉक्टर इसे जल्द से जल्द सर्जरी के जरिए बाहर निकाल देते हैं। इस प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में अपेंडेक्टमी (Appendectomy) कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह सर्जरी कैसे होती है, क्यों जरूरी है और इसके बाद मरीज को कैसे देखभाल करनी चाहिए।
जब अपेंडिक्स की नली में रुकावट आती है, तो उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और सूजन आ जाती है। अगर सही समय पर इसे शरीर से बाहर न निकाला जाए, तो यह पेट के अंदर ही फट (Rupture) सकती है। अपेंडिक्स फटने से पूरे पेट में खतरनाक इन्फेक्शन फैल सकता है, जिसे मेडिकल भाषा में पेरिटोनिटिस (Peritonitis) कहते हैं। इसीलिए डॉक्टर अपेंडिसाइटिस का पता चलते ही इसे जल्द से जल्द निकालने की सलाह देते हैं ताकि किसी बड़े खतरे से बचा जा सके।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, दोनों ही तरीकों की सफलता दर 95% से अधिक है। डॉक्टर मरीज की हालत देखकर दो तरीकों में से एक तरीका चुनते हैं;
1. दूरबीन वाली सर्जरी (Laparoscopic Appendectomy)- आजकल ज्यादातर मामलों में यही तरीका अपनाया जाता है। इसमें पेट पर बड़े कट लगाने के बजाय 1 से 3 बहुत छोटे-छोटे छेद किए जाते हैं। एक छेद के जरिए छोटा सा कैमरा (लैप्रोस्कोप) अंदर डाला जाता है और स्क्रीन पर देखकर छोटे औजारों की मदद से अपेंडिक्स निकाल लिया जाता है। इसमें दर्द कम होता है, घाव जल्दी भरता है और मरीज को अस्पताल से बहुत जल्दी छुट्टी मिल जाती है।
2. खुली सर्जरी (Open Appendectomy)- अगर मरीज का अपेंडिक्स पहले ही फट चुका हो या पेट में इन्फेक्शन बहुत ज्यादा फैल गया हो, तो डॉक्टर पेट के निचले दाएं हिस्से में 2 से 4 इंच का कट लगाकर सर्जरी करते हैं। इससे पूरे पेट की अच्छी तरह से सफाई की जा सकती है।
अपेंडिक्स निकलने के बाद ज्यादातर लोग कुछ ही दिनों में एकदम नॉर्मल महसूस करने लगते हैं। फिर भी जल्दी ठीक होने के लिए इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है;
वैसे तो यह एक बहुत ही सेफ ऑपरेशन है, लेकिन अगर डिस्चार्ज होने के बाद मरीज को नीचे दिए गए लक्षण दिखें तो बिना देर किए डॉक्टर को दिखाना चाहिए;
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
06 Aug 2026 01:41 pm
Published on:
06 Aug 2026 01:40 pm
