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Black Eye: आंख के आसपास अचानक काला पड़ना हो सकता है ब्लैक आई, जानें कब डॉक्टर से लें सलाह

Black Eye Cause: क्या चोट लगने से आंख के आसपास कालापन या सूजन आ गई है? यह ब्लैक आई हो सकता है। हेल्थलाइन और एनएचएस से जानें इसे ठीक करने के उपाय और किस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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भारत

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Nidhi Yadav

Sep 16, 2026

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आंख के आसपास अचानक कालापन किस कारण से होता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Black Eye Symptoms: कई बार अचानक किसी चोट, गिरने या हल्के झटके की वजह से आंख के आसपास की त्वचा काली या नीली पड़ने लगती है। आम भाषा में इसे 'ब्लैक आई' (Black Eye) कहा जाता है। शुरुआत में यह केवल एक साधारण खरोंच या सूजन जैसी लग सकती है, लेकिन जब आंख के आसपास रक्त वाहिकाएं प्रभावित होती हैं, तो त्वचा के नीचे खून जमा होने लगता है और इसका रंग बदलने लगता है। यदि आपको या आपके किसी परिजन को यह समस्या हुई है, तो घबराने की बजाय इसके कारणों, सही देखभाल और चेतावनी के संकेतों को जानना बेहद जरूरी है। आंख हमारे शरीर का सबसे नाजुक और अहम हिस्सा है। इसलिए इसके आसपास होने वाले किसी भी बदलाव या चोट को हल्के में लेना कभी-कभी भारी पड़ सकता है। आइए समझते हैं कि ब्लैक आई क्या है, ऐसा क्यों होता है, घर पर इसका सही ख्याल कैसे रखें और किस स्थिति में बिना देर किए डॉक्टर के पास जाना बेहद जरूरी हो जाता है।

क्या होती है ब्लैक आई?

एनएचएस के अनुसार, ब्लैक आई कोई बीमारी नहीं है, बल्कि आंख या उसके आसपास के चेहरे के हिस्से पर चोट लगने का एक नतीजा है। जब आंख के आसपास की बारीक रक्त वाहिकाएं (Blood Vessels) चोट लगने के कारण टूट जाती हैं, तो खून त्वचा के ठीक नीचे जमा होने लगता है। क्योंकि आंख के चारों ओर की त्वचा बहुत पतली और नाजुक होती है, इसलिए वहां जमा हुआ खून बाहर से साफ दिखाई देता है। शुरुआत में यह जगह हल्की लाल या नीली दिखती है, फिर धीरे-धीरे काली और बैंगनी हो जाती है। जैसे-जैसे चोट ठीक होने लगती है, इसका रंग बदलकर हरा या पीला होने लगता है।

ब्लैक आई होने पर शरीर में क्या बदलता है?

हेल्थलाइन के अनुसार, आम तौर पर ब्लैक आई 1 से 2 हफ्तों के भीतर अपने आप ठीक हो जाती है। जब आंख या चेहरे के आसपास कोई चोट लगती है, तो त्वचा के नीचे की बारीक नसें फट जाती हैं और ये बदलाव महसूस होते हैं;

  • शुरुआती 1 से 2 दिन- चोट लगते ही आंख के आसपास की त्वचा लाल दिखने लगती है और धीरे-धीरे गहरा नीला या बैगनी-काला रंग ले लेती है। इस दौरान काफी सूजन और दर्द भी होता है।
  • 2 से 10 दिन- जैसे-जैसे शरीर जमा हुए खून को साफ करने लगता है, यह कालापन हरा या हल्का पीला होने लगता है और सूजन कम होने लगती है।
  • 10 से 14 दिन- त्वचा का रंग हल्का भूरा या पीला होकर सामान्य त्वचा के रंग में बदलने लगता है।

इसके मुख्य कारण क्या हैं?

  • चोट या हादसा।
  • चेहरे या नाक की सर्जरी।
  • सिर में गंभीर चोट।

घर पर देखभाल के उपाय

  • शुरुआती 24 से 48 घंटों में कपड़े में लपेटकर बर्फ की सकाई करें।
  • 2 से 3 दिन बीत जाने के बाद, जब सूजन कम हो जाए, तो हल्के गर्म कपड़े या वॉटर बैग से सकाई करें।
  • सिर को थोड़ा ऊंचा रखें।
  • दवाइयों का ध्यान रखें।
  • आंखों को न रगड़ें या बार-बार छूने से बचें।

कब तुरंत डॉक्टर से लें सलाह?

ज्यादातर मामलों में ब्लैक आई खतरनाक नहीं होती, लेकिन कभी-कभी यह सिर या आंख के अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोट का संकेत भी हो सकती है। यदि आपको निम्नलिखित में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो बिना देर किए डॉक्टर या इमरजेंसी मेडिकल हेल्प लें;

  • दृष्टि में बदलाव।
  • आंख में खून या असामान्य पुतली।
  • आंख हिलाने में असमर्थता।
  • तेज और लगातार सिरदर्द।
  • आंख से मवाद निकलना।
  • नाक या कान से खून आना।
  • खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे हैं या कोई ब्लीडिंग डिसऑर्डर है।
  • 3 हफ्ते से ज्यादा समय होना।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।