
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI
Headphones Health Risk : अक्सर हेडफोन या ईयरफोन के कान में फटने की खबर आती है। तब ये कहा जाता है कि सस्ते हेडफोन के कारण ऐसा हुआ। पर, ब्रांडेड और महंगे हेडफोन भी हेल्थ के लिए रिस्की हैं। ये बात एक शोध में सामने आई है। 81 ब्रांडेड हेडफोन पर शोध किया गया जिसमें पाया गया कि ये खतरनाक केमिकल्स रिलीज करते हैं। इससे रिप्रोडक्टिव हेल्थ जैसी कई बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
शोध The ToxFree Life for All Project ने किया है। इसके लिए 81 ब्रांडेड हेडफोन लिए गए। इन सभी में दो प्रकार के खतरनाक केमिकल्स पाए गए जो यूज करते समय रिलीज भी होते हैं। ये दोनों केमिकल हैं- BPA और BPS । ये दोनों प्लास्टिक को मजबूत बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। पर, मजबूती के चक्कर में कंपनियां इंसानों का जान दाव पर लगा रही हैं! अगर ये लंबे समय पर शरीर के संपर्क में रहे तो नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं। इसलिए, इनसे कम से कम संपर्क बनाएं।
BPA और BPS दोनों ही खतरनाक केमिकल हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दोनों केमिकल रिप्रोडक्टिव हेल्थ, मेटाबॉलिज्म और डेवलपमेंट जैसी दिक्कतों को जन्म दे सकते हैं। रिप्रोडक्टिव हेल्थ की ही बात करें तो ये आपके भीतर बांझपन जैसी गंभीर समस्या को भी जन्म दे सकता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या हेडफोन को यूज करना बंद करें? एक्सपर्ट ने ये सलाह दी है कि यूजर्स को हेडफोन का कम से कम यूज करना चाहिए। कई लोग घंटों तक हेडफोन लगाए रहते हैं। ऐसे में उनको अधिक स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।
शोध में इस बात का भी जिक्र है कि अधिकतर कंपनियां प्लास्टिक के बारे में जानकारी नहीं देती है। ऐसे में यूजर खरीदते वक्त ये नहीं जान पाएगा कि हेडफोन को बनाने के लिए किस तरह की प्लास्टिक का इस्तेमाल किया गया है।
Published on:
25 Feb 2026 03:53 pm
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