28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

70 के बाद तेजी से दिखता है उम्र का असर, ये है असली वजह

शरीर में 70 वर्ष के बाद तेजी से कमजोरी आती है। उम्र का असर अचानक दिखने लगता है, क्योंकि 70 के बाद त्वचा से मस्तिष्क तक एक जैसे बदलाव होते हैं। इसकी पुष्टि हाल ही में हुए एक शोध में हुई। शोध के अनुसार, जब कोई व्यक्ति 40-50 वर्ष की उम्र में होता है तो असामान्य स्टेम कोशिकाओं के विकास से उसके शरीर पर बहुत कम फर्क पड़ता है, लेकिन जब उसकी उम्र 70 साल से ज्यादा होती है तो वही स्टेम सेल्स, रक्त कोशिकाओं के उत्पादन पर असर करते हैं। शरीर में खून बनने की प्रक्रिया सुस्त हो जाती है। इससे कमजोरी आने लगती है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Jyoti Kumar

•

Updated: 3 Oct 2023, 4:24 PM IST

old_age.jpg

शरीर में 70 वर्ष के बाद तेजी से कमजोरी आती है। उम्र का असर अचानक दिखने लगता है, क्योंकि 70 के बाद त्वचा से मस्तिष्क तक एक जैसे बदलाव होते हैं। इसकी पुष्टि हाल ही में हुए एक शोध में हुई। शोध के अनुसार, जब कोई व्यक्ति 40-50 वर्ष की उम्र में होता है तो असामान्य स्टेम कोशिकाओं के विकास से उसके शरीर पर बहुत कम फर्क पड़ता है, लेकिन जब उसकी उम्र 70 साल से ज्यादा होती है तो वही स्टेम सेल्स, रक्त कोशिकाओं के उत्पादन पर असर करते हैं। शरीर में खून बनने की प्रक्रिया सुस्त हो जाती है। इससे कमजोरी आने लगती है।


यह है मुख्य कारण
वेलकम-एमआरसी कैम्ब्रिज स्टेम सेल इंस्टीट्यूट में डॉ. पीटर कैंपबेल और उनके सहयोगियों ने नवजात शिशुओं से लेकर 80 साल तक की उम्र वाले लोगों में रक्त कोशिकाओं पर अध्ययन किया। इसमें पाया कि 65 वर्ष तक की उम्र में शरीर में बीमारियों से लडऩे के लिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है, जो बाद में कमजोर पडऩे लगती है। शोधकर्ताओं के अनुसार, रक्त बनाने में शामिल स्टेम सेल्स में समय के साथ म्यूटेशन होता है, जो धीरे-धीरे सामने आने लगता है।

प्रभावित होती वर्किंग कैपेसिटी
म्यूटेशन और हार्मोन्स में बदलाव शरीर के काम करने की क्षमता को धीरे-धीरे कम करते हैं। -डॉ. विजय प्रकाश शर्मा, सीनियर फिजिशियन

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

बड़ी खबरें

View All

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल