
जब शरीर में शुगर बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, तो उसे हाइपरग्लाइसेमिक क्राइसिस कहते हैं।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Hyperglycemic Crisis Symptoms: आजकल की भागदौड़ में शुगर (डायबिटीज) होना बहुत आम बात हो गई है। हममें से ज्यादातर लोग इसे एक नॉर्मल बीमारी मान लेते हैं और रोजमर्रा की जिंदगी में छोटी-मोटी लापरवाही करने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर खून में शुगर का लेवल हद से ज्यादा बढ़ जाए, तो यह अचानक जान पर बन आती है?
अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की डायबिटीज केयर और मेयो क्लिनिक की रिपोर्ट्स में इसी बात को लेकर सावधान किया गया है। जब शरीर में शुगर 600 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) (33.3 मिलीमोल प्रति लीटर (mmol/L)) से भी अधिक बढ़ जाती है, तो उसे हाइपरोस्मोलरहाइपरग्लाइसेमिक क्राइसिस कहते हैं।
जब हमारे शरीर में इंसुलिन नाम का हार्मोन कम हो जाता है या काम करना बंद कर देता है, तो जो शुगर हमारे शरीर को ताकत देने वाली थी, वही खून में जहर की तरह घुलने लगती है और उसका लेवल ऊपर आ जाता है। रिपोर्ट बताती है कि यह समस्या दो तरीकों से आती है।
पहली स्थिति कीटोएसिडोसिस के (DKA) में शरीर के अंदर एक अजीब एसिड बनने लगता है, जो ज्यादातर टाइप-1 डायबिटीज वालों को झेलना पड़ता है। दूसरी स्थिति (HHS) में शुगर इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि मरीज के शरीर का पूरा पानी ही सूख जाता है, जो आमतौर पर टाइप-2 डायबिटीज वालों के साथ होता है। ये दोनों ही हालात इतने डरावने हैं कि अगर तुरंत इलाज न मिले, तो इंसान बेहोश हो सकता है या कोमा में भी जा सकता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
30 Jun 2026 12:00 pm
Published on:
30 Jun 2026 12:00 pm
