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लंबे समय से यदि छोटे बच्चों में खांसी है तो उसे न करें नजरअंदाज

छोटे बच्चों में अक्सर मौसम बदलने के साथ खांसी-जुकाम जैसी शिकायतें पाई जाती हैं। कई बार उनमें खांसी लंबे समय तक रहती है। सुबह-शाम के समय खांसी तेज हो जाती है। छोटे बच्चों में यदि यह लंबे समय तक है तो नजरअंदाज न करें। डॉक्टरी सलाह लें। क्योंकि छोटे बच्चों में खांसी के कई कारण हो सकते हैं, जैसे एलर्जी, पेट के कीड़े, परटूसिस(काली खांसी), टीबी और कैंसर के प्रारम्भिक संकेत।
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जयपुर

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Jyoti Kumar

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Updated: 26 Sep 2023, 7:24 PM IST

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छोटे बच्चों में अक्सर मौसम बदलने के साथ खांसी-जुकाम जैसी शिकायतें पाई जाती हैं। कई बार उनमें खांसी लंबे समय तक रहती है। सुबह-शाम के समय खांसी तेज हो जाती है। छोटे बच्चों में यदि यह लंबे समय तक है तो नजरअंदाज न करें। डॉक्टरी सलाह लें। क्योंकि छोटे बच्चों में खांसी के कई कारण हो सकते हैं, जैसे एलर्जी, पेट के कीड़े, परटूसिस(काली खांसी), टीबी और कैंसर के प्रारम्भिक संकेत।

खांसी को पहचानें

एलर्जी: यदि बच्चे को हर साल किसी विशेष मौसम में लंबे समय तक खांसी रहती है तो उसका कारण एलर्जी हो सकता है। खांसी शाम या रात में ज्यादा रहती है।
पेट के कीड़े : छोटे बच्चों में पेट में कीड़ों की शिकायत पाई जाती है। ये भी लंबे समय तक खांसी का कारण बन सकते हैं। पेट के कीड़ों के लार्वा रक्त से फेफड़ों में चले जाते हैं ।


परटूसिस (काली खांसी) : यह एक जीवाणु संक्रमण होता है। इसमें सामान्य खांसी जैसे ही लक्षण होते हैं, लेकिन रात के समय खांसी ज्यादा तेज हो जाती है। बच्चा खांसते-खांसते उल्टी करने लगता है।


टीबी : लगातार खांसी जो खत्म ही नहीं हो रही है। खांसी के साथ यदि बुखार रहता है, सीने में दर्द और गले में गांठे हैं तो यह टीबी के लक्षण हैं।

बचाव के उपाय
एलर्जी वाली खासी में एलर्जन से बचाव रखें। घर को साफ-सुथरा रखें। पेट में कीड़े न हों इसके लिए पानी उबालकर पीएं। सब्जी व फलों को धोकर ही बच्चों को खाने को दें। परटूसिस जैसी खांसी से बचाव के लिए बच्चों में वेक्सीनेशन बेहद जरूरी है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।