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Liver Hemangioma: लिवर में गांठ हर बार कैंसर नहीं, मेयो क्लिनिक से जानें क्या है लिवर हेमेंजिओमा

Liver Hemangioma Cause: लिवर में गांठ देखकर घबराएं नहीं! हर ट्यूमर कैंसर नहीं होता। क्लीवलैंड क्लिनिक और मेयो क्लिनिक से जानें गैर-कैंसरी लिवर हेमेंजिओमा (Liver Hemangioma) के लक्षण, कारण और इलाज।
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भारत

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Nidhi Yadav

Sep 15, 2026

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लिवर में गांठ किस कारण से होती है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)

Liver Hemangioma Symptoms: जब भी कोई व्यक्ति अपने पेट का अल्ट्रासाउंड या सीटी स्कैन करवाता है और रिपोर्ट में लिवर में गांठ या लिवर में ट्यूमर, आए तो सबसे पहला ख्याल दिमाग में कैंसर का ही आता है। पल भर में हाथ-पैर ठंडे पड़ जाते हैं और मन में तरह-तरह की आशंकाएं घेर लेती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि लिवर में दिखने वाली हर गांठ कैंसर नहीं होती? कई बार यह गांठ बहुत ही सामान्य और बेहार्म (बेनाइन) होती है, जिसे मेडिकल भाषा में लिवर हेमेंजिओमा (Liver Hemangioma) कहते हैं। आइए समझते हैं कि लिवर हेमेंजिओमा क्या है, यह क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इसमें घबराने की जरूरत कब नहीं होती।

लिवर हेमेंजिओमा क्या है?

क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, लिवर हेमेंजिओमा कोई कैंसर नहीं है। यह लिवर के अंदर खून की नसों (Blood Vessels) का एक गुच्छा या गांठ होती है। जब खून की नसें आपस में उलझकर या बढ़कर एक छोटी सी गांठ का रूप ले लेती हैं, तो उसे ही हेमेंजिओमा कहते हैं। यह ट्यूमर जरूर कहलाता है, लेकिन यह गैर-कैंसरी (Non-Cancerous) होता है। इसका मतलब है कि यह शरीर के बाकी हिस्सों में नहीं फैलता और न ही कभी कैंसर में बदलता है। ज़्यादातर लोगों में यह आकार में बहुत छोटा (5 सेंटीमीटर से कम) होता है और जीवन भर बिना किसी परेशानी के पड़ा रहता है।

यह क्यों होता है?

लिवर हेमेंजिओमा होने की कोई एक पक्की वजह डॉक्टर भी नहीं बता पाते, लेकिन इसके बारे में कुछ बातें बिल्कुल साफ हैं, यह समस्या इंसान में बचपन या जन्म के समय से ही होती है। जब बच्चा पेट में पल रहा होता है, तभी खून की नसों की बनावट में यह छोटा सा बदलाव आ जाता है। महिलाओं में यह बीमारी पुरुषों के मुकाबले लगभग तीन गुना ज्यादा देखी जाती है। डॉक्टरों का मानना है कि शरीर का एस्ट्रोजन (Estrogen) हार्मोन इसके बढ़ने में थोड़ी भूमिका निभा सकता है। इसलिए गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान या हार्मोन थेरेपी लेने पर यह कभी-कभी थोड़ा बड़ा हो सकता है।

इसके लक्षण क्या हैं?

मेयो क्लिनिक के अनुसार, 90% से ज़्यादा मामलों में लिवर हेमेंजिओमा का कोई लक्षण होता ही नहीं! इंसान को पता भी नहीं चलता कि उसके लिवर में ऐसी कोई गांठ है। अक्सर यह तब पता चलता है जब मरीज किसी दूसरी बीमारी (जैसे पेट दर्द या पथरी) के लिए अल्ट्रासाउंड या एमआरआई करवाता है। लेकिन अगर यह गांठ बहुत बड़ी हो जाए (लगभग 4-5 सेंटीमीटर या उससे ज़्यादा), तो कुछ हल्के लक्षण महसूस हो सकते हैं;

  • पेट के दाहिने तरफ (ऊपरी हिस्से में) हल्का दर्द या भारीपन।
  • थोड़ा सा खाना खाते ही पेट भरा-भरा लगना।
  • जी मिचलाना या उलझन महसूस होना।
  • पेट में अकारण सूजन या ब्लोटिंग।

डॉक्टर इसकी जांच कैसे करते हैं?

अगर अल्ट्रासाउंड में लिवर पर कोई गांठ दिखती है, तो डॉक्टर यह पक्का करने के लिए कि यह हेमेंजिओमा ही है और कैंसर नहीं, कुछ टेस्ट करवा सकते हैं;

  • अल्ट्रासाउंड (Ultrasound)।
  • सीटी स्कैन (CT Scan) या एमआरआई (MRI)।

क्या इसके इलाज की जरूरत होती है?

अगर गांठ छोटी है और आपको कोई दर्द या परेशानी नहीं है, तो डॉक्टर आपको कोई दवा नहीं देते। बस साल-दो साल में एक बार अल्ट्रासाउंड करवाकर यह देखना होता है कि इसका आकार बढ़ तो नहीं रहा। इलाज की नौबत केवल तब आती है जब गांठ बहुत बड़ी हो जाए, पेट के बाकी अंगों को दबाने लगे या उसमें बहुत दर्द होने लगे। ऐसे में सर्जरी करके गांठ को निकाला जा सकता है या उसकी ब्लड सप्लाई बंद कर दी जाती है। लेकिन ऐसे मामले बहुत ही दुर्लभ होते हैं।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

यदि आपकी रिपोर्ट में लिवर हेमेंजिओमा आया है, तो डरने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं है। हालांकि, अगर आपको पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में लगातार तेज दर्द रहे, बार-बार उल्टी आए या पेट में अचानक कोई बड़ी सूजन दिखे, तो तुरंत अपने डॉक्टर से मिलें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।