बीजीआर-34 को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एनबीआरआई, लखनऊ के पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक एकेएस रावत ने कहा कि मधुमेह की इस हर्बदल दवा के बारे में मंत्री का वक्तव्य टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों की तकलीफ को कम करने के लिहाज से इस दवा को मिली कामयाबी पर उनके विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जहां टाइप-2 डायबिटीज वयस्कों में सामान्यतः उनकी जीवनशैली की वजह से होता है, टाइप-1 डायबिटीज अनुवांशिक होता है।