
सुबह उठते ही गले में दर्द, कुछ भी निगलने में तकलीफ या खिचखिच महसूस होना मानसून में अक्सर लोगों को परेशान करता है।- प्रतीकात्मक तस्वीर(Source- gemini)
Monsoon Throat Infection Cause: बारिश का मौसम आते ही गर्मी से तो राहत मिल जाती है, लेकिन अपने साथ कई बीमारियां भी लेकर आता है। इस मौसम में सर्दी-खांसी के साथ-साथ गले में इंफेक्शन (Sore Throat) होना बहुत ही आम बात है। सुबह उठते ही गले में दर्द, कुछ भी निगलने में तकलीफ या खिचखिच महसूस होना मानसून में अक्सर लोगों को परेशान करता है। आइए जानते हैं कि ऐसा किस कारण से होता है और इसके लक्षण क्या होते हैं।
बारिश के दिनों में हवा में उमस (Humidity) बहुत बढ़ जाती है। साइंस डायरेक्ट (ScienceDirect) के मुताबिक, यह नमी वाला मौसम बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए सबसे बेस्ट होता है। जब हम ऐसी हवा में सांस लेते हैं, तो ये बारीक कीटाणु हमारे गले के अंदर चले जाते हैं और वहां सूजन या इंफेक्शन पैदा कर देते हैं।
मानसून में कभी तेज धूप निकल आती है तो कभी अचानक बारिश होने लगती है। पीएमसी (PMC) मेडिकल जर्नल बताता है कि इस उतार-चढ़ाव की वजह से हमारी बॉडी का तापमान भी बार-बार बदलता है। ऐसे में शरीर की इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) थोड़ी कमजोर पड़ जाती है और वायरस बहुत आसानी से हमारे गले पर हमला बोल देते हैं।
इस मौसम में पानी और खाने-पीने की चीजों के जरिए भी इंफेक्शन फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, बाहर का खुला खाना या दूषित पानी पीने से टॉन्सिल और गले में इन्फ्लेमेशन (सूजन) की समस्या हो जाती है, जो बाद में तेज दर्द का रूप ले लेती है।
गुनगुने पानी और नमक के गरारे- अगर गले में हल्की सी भी खराश महसूस हो, तो दिन में दो से तीन बार गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक डालकर गरारे (Gargle) करें। यह गले की सूजन और बैक्टीरिया को साफ करने का सबसे पुराना और असरदार तरीका है।
1.साफ और उबला हुआ पानी पिएं- मानसून में सीधे नल का पानी पीने से बचें। पानी को हमेशा अच्छी तरह उबालकर या फिल्टर करके ही पीएं। गुनगुना पानी पीना गले के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद रहता है।
2. ठंडी चीजों से दूरी बनाएं- जब तक मौसम पूरी तरह ठीक न हो जाए, तब तक फ्रिज का बहुत ठंडा पानी, आइसक्रीम या कोल्ड ड्रिंक्स पीने से बचें। अचानक ठंडा-गर्म खाने से भी गला खराब होता है।
3. भाप (Steam) लें- अगर गले में दर्द के साथ नाक भी बंद है, तो सादे पानी की भाप लें। इससे गले की नसों को आराम मिलता है और जकड़न कम होती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Published on:
02 Jul 2026 01:15 pm
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