
छींकने कारण और उपाय की प्रतीकात्मक फोटो | Photo- Grok AI
Normal Sneeze Per Day : भले छींकना सामान्य लगता है पर बार-बार छींक आना सही संकेत नहीं है। ये बात वैज्ञानिकों ने पता लगाई है। जिसको लेकर नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर शोध प्रकाशित है। अगर आपको बार-बार छींक (Bar bar chik aana) आती है तो ये काम की जानकारी समझ लें। चलिए, जानते हैं कि दिनभर में कितनी बार छींक आना सही (kitni baar chikna sahi) है? साथ ही आयुर्वेदिक डॉक्टर से अधिक छींक आने के कारण और उपाय के बारे में भी जानते हैं।
साल 2002 में छींकने को लेकर एक रिसर्च की गई। ये शोध 14 दिनों तक 80 अस्पताल के कर्माचारियों व मेडिकल स्टूडेंट्स पर किया गया। हर दिन इनके छींकने के काउंट को डायरी में दर्ज किया गया। यहां पर देखने को मिला कि 95% से अधिक सामान्य व्यक्ति औसतन दिन में 4 बार से कम छींकते और नाक साफ करते हैं। इस शोध में निष्कर्ष निकाला गया कि दिन में 4 बार से कम छींकना और नाक साफ करना सामान्य है।
आयुर्वेदिक डॉक्टर ने पत्रिका के साथ बातचीत में बताया कि छींकना सामान्य है और असमान्य भी। यह बात छींकने की गिनती पर निर्भर करता है। अगर बार-बार छींक आ रही है, नाक पर लाल रंग जैसा दिख रहा है, नाक बह रही है, सांस लेने में दिक्कत हो रही है… ऐसे में छींकना सामान्य नहीं हो सकता।
शोध में भी बताया गया कि राइनाइटिस अधिक छींक आने का मुख्य कारण हो सकता है। इस बीमारी को समझाते हुए डॉ. अर्जुन कहते हैं कि ये नाक की झिल्ली में सूजन या अन्य किसी दिक्कत के कारण होता है।
डॉ. अर्जुन के अनुसार, वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम, बुखार आदि भी छींक आने का कारण हो सकता है। इसके अलावा जैसे कि दिल्ली में प्रदूषण के कारण स्थिति खराब है। ये भी एक कारण हो सकता है। इसके अलावा नोज ब्लॉकेज या आपको किसी चीज से एलर्जी है तो उस वजह से भी छींक अधिक आ सकती है।
डॉ. अर्जुन ने ये भी कहा कि अगर घरेलू उपाय से राहत ना मिले या आपके लक्षण गंभीर हो तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। साथ ही घरेलू उपाय को भी किसी एक्सपर्ट की सलाह के बगैर ना अपनाएं।
Published on:
29 Nov 2025 12:51 pm
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