
बाजार में मिलने वाले पैकेट बंद पनीर और चॉकलेट स्प्रेड के हेल्दी दावों के पीछे छुपा है प्रिजर्वेटिव्स और केमिकल्स का खेल।- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Gemini)
Packaged Food Side Effects Hindi: हम जब भी बाजार में राशन या खाने-पीने का सामान खरीदने जाते हैं, तो पैकेट पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा देखते हैं 100% नेचुरल, फ्रेश पनीर, इम्युनिटी बढ़ाने वाला या हेल्दी चॉइस। हम भी यह सोचकर खुशी-खुशी ज्यादा पैसे दे आते हैं कि हम अपने परिवार के लिए कुछ सेहतमंद खरीद रहे हैं। लेकिन क्या वाकई वो चीजें उतनी ही सेहतमंद हैं जितना कम्पनियां दावा करती हैं?
भारत की फूड रेगुलेटर संस्था FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण) ने हाल ही में ऐसे ही बड़े दावों को लेकर कई नामी कम्पनियों को नोटिस देकर और उनसे जवाब मांगा है। साइंसडायरेक्ट के अनुसार, बाजार में बिकने वाले 30% पनीर में मिलावट होती है।
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च के मुताबिक, कुछ जगहों पर पनीर में मुनाफा बढ़ाने के लिए असली दूध की जगह दूसरे जानवर का सस्ता दूध मिला दिया जाता है। कई बार वजन और मात्रा बढ़ाने के लिए इसमें स्टार्च या दूसरी सस्ती डेयरी सामग्री भी मिलाई जाती है। कुछ मामलों में दूध की फैट की जगह वनस्पति तेल (जैसे सोयाबीन ऑयल) का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि लागत कम आए। ऐसी मिलावट से पनीर देखने में तो सामान्य लग सकता है, लेकिन उसकी गुणवत्ता और पोषण दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
पनीर या अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स को हफ्तों तक सड़ने से बचाने के लिए और चॉकलेट स्प्रेड को फंगस से सुरक्षित रखने के लिए सोडियम बेंजोएट या सॉर्बिक एसिड जैसे प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं। चॉकलेट स्प्रेड या न्यूट्रिशन सप्लीमेंट्स का स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें रिफाइंड चीनी और सस्ते मीठे सिरप का भरपूर इस्तेमाल होता है। चीजों को गाढ़ा और मलाईदार (creamy) बनाने के लिए अक्सर घटिया क्वालिटी के पाम ऑयल या हाइड्रोजनेटेड फैट का इस्तेमाल किया जाता है।
1. मोटापा और फैटी लिवर की समस्या-एनआइएच के अनुसार, इन प्रोडक्ट्स में मौजूद छुपा हुआ ट्रांस फैट और चीनी शरीर में चर्बी बढ़ाते हैं। यह सीधे लिवर पर जमा होने लगती है, जिससे कम उम्र में ही लोग फैटी लिवर और मोटापे का शिकार हो रहे हैं।
2. दिल की बीमारियों का खतरा- हाइड्रोजनेटेड ऑयल्स और खराब फैट हमारे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाते हैं और गुड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं। इससे नसें ब्लॉक होने लगती हैं और हाई ब्लड प्रेशर व हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
3. पेट और पाचन का खराब होना- पैकेट बंद चीजों में मौजूद प्रिजर्वेटिव्स हमारे पेट के अच्छे बैक्टीरिया (Gut Bacteria) को मार देते हैं। नतीजा लगातार गैस, एसिडिटी, कब्ज और पेट में सूजन की समस्या बनी रहती है।
4. डायबिटीज (मधुमेह) का बुलावा- हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर दिखने वाले इन चॉकलेट स्प्रेड और जूस कैप्सूल्स में मौजूद हाई शुगर हमारे ब्लड शुगर लेवल को अचानक बढ़ा देती है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा होता है और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
5. एलर्जी- आर्टिफिशियल कलर्स और फ्लेवर्स के कारण कई लोगों को स्किन एलर्जी, सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। खासकर बच्चों में इन केमिकल्स की वजह से चिड़चिड़ापन और हाइपरएक्टिविटी (ADHD) देखी गई है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
07 Jul 2026 01:30 pm
Published on:
07 Jul 2026 01:30 pm
