
रैट फीवर फ्लू जैसी बीमारी है जो लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया से फैलता है- प्रतीकात्मक तस्वीर (Source- Freepik)
Rat Fever Prevention: बारिश का मौसम आते ही गर्मी से तो राहत मिल जाती है, लेकिन यह अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है। इन दिनों डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के बारे में तो सब बात करते हैं, लेकिन एक ऐसी भी बीमारी है जिसके मामले मानसून में बढ़ते हैं। इसे रैट फीवर (Rat Fever) और मेडिकल की भाषा में लेप्टोस्पायरोसिस (Leptospirosis) कहा जाता है। आइए जानते हैं कि यह बीमारी क्या है, बारिश के दिनों में यह ज्यादा कैसे बढ़ती है और इससे खुद को कैसे बचा सकते हैं।
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, लेप्टोस्पाइरोसिस फ्लू जैसी बीमारी है जो लेप्टोस्पाइरा नामक बैक्टीरिया की वजह से फैलता है। वैसे तो यह कीटाणु कई तरह के जानवरों में पाया जाता है, लेकिन चूहों के जरिए यह इंसानों में ज्यादा फैलता है, इसीलिए इसे रैट फीवर का नाम दिया गया है। जब बारिश के दिनों में चूहों या संक्रमित जानवरों का पेशाब (यूरिन) पानी या मिट्टी में मिल जाता है, तो वह पानी जहरीला हो जाता है।
बारिश के मौसम में जगह-जगह पानी भरना या जलभराव होना आम बात है। जब सड़कों या गलियों में पानी जमा होता है, तो चूहों के मल-मूत्र में मौजूद बैक्टीरिया उस ठहरे हुए पानी में मिक्स हो जाते हैं। सीडीसी (CDC) अमेरिका के अनुसार, अब अगर आप इस गंदे पानी में से होकर गुजरते हैं, तो यह बैक्टीरिया आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है। शरीर में घुसने के लिए इसे आपके पैर या हाथ में लगा कोई छोटा सा कट या खरोंच चाहिए। या फिर अगर यह गंदा पानी गलती से आपकी आंखों, नाक या मुंह के जरिए शरीर के अंदर चला जाए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
9 Jun 2026, 3:15 PM IST
Published on:
9 Jun 2026, 3:15 PM IST
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