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CURE DEMENTIA : इन 4 तरीकों से 88 फीसदी तक घटता है डिमेंशिया का खतरा

शोध में दावा: शोधकर्ताओं ने दिए स्मरणशक्ति बढ़ाने के नायाब सूत्र
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Pushpesh Sharma

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Updated: 7 Aug 2021, 12:21 AM IST

CURE DEMENTIA : इन 4 तरीकों से 88 फीसदी तक घटता है डिमेंशिया का खतरा

पौधों की देखभाल करने से याद रखने की क्षमता दोगुनी हो सकती है।

यादगार पलों को मस्तिष्क की किताब में सहेजकर रखना किसे अच्छा नहीं लगता। शोध कहते हैं, अच्छी याददाश्त अतीत और वर्तमान के बीच एक मजबूत सेतु का काम करती है, जिससे हमें मनोवैज्ञानिक लाभ मिलता है। वैज्ञानिकों ने ऐसी चार तकनीकों के बारे में बताया है जो जो आपका ध्यान, एकाग्रता और स्मृति को मजबूत करती हैं और डिमेंशिया का जोखिम भी 88 फीसदी तक कम होता है।

हर आधे घंटे में कुछ मिनट उठकर बैठें
स्वीडिश वैज्ञानिकों का कहना है कि लंबे समय तक बैठने के दौरान हर आधे घंटे में कुछ मिनट उठकर बैठने से याददाश्त और एकाग्रता में 65 फीसदी सुधार होता है। साथ ही डिमेंशिया का खतरा भी 88 फीसदी कम हो जाता है। एंडोक्राइनोलॉजिस्ट रिक ब्रेकन के मुताबिक मांसपेशियों को हिलाने से एक हार्मोन निकलता है, जो आपके मस्तिष्क के मेमोरी सेंटर को सक्रिय करता है।

डार्क चॉकलेट और एक कप ताजे फल
हार्वर्ड के वैज्ञानिकों का दावा है कि प्रतिदिन 56 ग्राम डार्क चॉकलेट व एक कप फल खाने से याददाश्त 12 वर्ष पहले जैसी रहेगी। डिमेंशिया का जोखिम भी आधा रहता है। डार्क चॉकलेट का थियोब्रोमाइन याददाश्त बढ़ाने वाले हार्मोन रिलीज करता है, जबकि फलों से विटामिन-सी मस्तिष्क की धमनियों में अवरोध नहीं आने देता।

धीमी गहरी सांस से दिमाग को विश्राम
उटाह यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक व्यस्तता के बीच नसों को आराम देने से याददाश्त कम होने की आशंका 75 फीसदी कम हो जाती है। न्यूरोलॉजिस्ट डैनियल आमेन के मुताबिक जब तनाव का स्तर गिरता है तो धमनियों को आराम मिलता है, जिससे मस्तिष्क की नसों में रक्त संचार बेहतर होता है। इसके अलावा गहरी-धीमी सांस लें, जैसे आप एक गुब्बारा उड़ा रहे हैं। इससे तनाव का स्तर कम होगा।

बाग बगीचों की देखभाल से मिलती ताकत
अपने गार्डन में पौधों की देखभाल और मिट्टी के पास जाने से मस्तिष्क को ताकत मिलती है। कॉर्नेल विवि के शोधकर्ताओं के मुताबिक सप्ताह में दो बार पौधों की देखभाल करने से तथ्यों, नाम और दिशाओं को याद रखने की आपकी क्षमता दोगुनी हो सकती है। साथ ही डिमेंशिया की आशंका भी 55 फीसदी तक घटती है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।