26 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बार-बार सिरदर्द हो रहा है? NIH की रिसर्च से जानिए Headache कितने प्रकार का होता है

Types of Headache: क्या आपको बार-बार सिरदर्द होता है? NIH, Harvard Health और National Headache Foundation के अनुसार जानिए सिरदर्द के प्रकार, उनके लक्षण और कब डॉक्टर से मिलना चाहिए।
3 min read
Google source verification

भारत

image

Dimple Yadav

Jun 26, 2026

Headache Types in Hindi Types of Headache Migraine Tension Headache

सिरदर्द के अलग-अलग प्रकार होते हैं (photo- freepik)

Types of Headache: ऑफिस में काम करते-करते अचानक सिर भारी लगने लगता है। कुछ लोग इसे थकान समझकर चाय पी लेते हैं, तो कुछ तुरंत दर्द की गोली खा लेते हैं। लेकिन अगर सिरदर्द बार-बार होने लगे या हर बार उसका तरीका अलग हो, तो इसे सिर्फ सामान्य परेशानी मानकर टालना ठीक नहीं है। दरअसल, हर सिरदर्द एक जैसा नहीं होता। किसी में पूरा सिर दर्द करता है, किसी में सिर्फ आधा सिर, तो किसी में आंखों के पीछे तेज दर्द महसूस होता है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर्स एंड स्ट्रोक (NINDS-NIH), National Headache Foundation, Harvard Health और Healthline के अनुसार, सिरदर्द के कई प्रकार होते हैं और हर प्रकार के पीछे अलग कारण हो सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि आपका सिरदर्द किस तरह का है।

सिरदर्द कितने प्रकार का होता है?

टेंशन हेडेक (तनाव वाला सिरदर्द)

Healthline के अनुसार यह सबसे आम सिरदर्द है, जो हममें से लगभग हर इंसान कभी न कभी झेलता है। इसमें ऐसा महसूस होता है जैसे किसी ने सिर के चारों तरफ कोई लोहे की पट्टी या बैंड कसकर बांध दिया हो। पूरे सिर में एक अजीब सा दबाव और भारीपन बना रहता है, जो अक्सर गर्दन और कंधों की मांसपेशियों में जकड़न के साथ शुरू होता है। इसके पीछे की मुख्य वजहें हमारा बढ़ा हुआ मानसिक तनाव, रात को नींद पूरी न होना, घंटों तक लैपटॉप-मोबाइल की स्क्रीन के सामने गलत पोस्चर में बैठे रहना हैं।

माइग्रेन

माइग्रेन को अक्सर लोग आम सिरदर्द समझ लेते हैं, लेकिन असल में यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है। इसमें सिर के किसी एक हिस्से या एक तरफ तेज धड़कन या टीस जैसा (throbbing) दर्द होता है। इस दर्द के साथ ही इंसान को मतली-उल्टी आने लगती है और तेज रोशनी या शोर से चिढ़ होने लगती है। माइग्रेन का यह दौरा इतना गंभीर हो सकता है कि यह कुछ घंटों से लेकर लगातार दो-तीन दिनों तक व्यक्ति को बेहाल रख सकता है।

क्लस्टर हेडेक

यह सिरदर्द बहुत कम लोगों में देखा जाता है, लेकिन इसे सबसे दर्दनाक और असहनीय माना जाता है। इसमें अचानक किसी एक आंख के ठीक पीछे या उसके आसपास इतना भयंकर दर्द उठता है कि इंसान छटपटा उठता है। इस दर्द के साथ-साथ प्रभावित आंख से पानी आने लगता है, आंख लाल हो जाती है और नाक बंद या बहने लगती है। इसकी खास बात यह है कि यह कई हफ्तों तक हर दिन एक ही तय समय पर बार-बार उठता है।

साइनस हेडेक

जब माथे, गालों की हड्डियों और आंखों के पीछे मौजूद साइनस के रास्तों में सूजन आ जाती है, तब यह दर्द होता है। इसमें चेहरे पर भारीपन, नाक बंद होना और आगे की तरफ झुकने पर दर्द का अचानक बढ़ जाना जैसे लक्षण दिखते हैं। हालांकि, मेडिकल एक्सपर्ट्स और हार्वर्ड हेल्थ के मुताबिक, कई बार लोग माइग्रेन के दर्द को ही गलती से साइनस का सिरदर्द समझ बैठते हैं, इसलिए सही पहचान जरूरी है।

दवाओं का अधिक इस्तेमाल और अचानक होने वाला गंभीर दर्द

कई बार सिरदर्द से तुरंत राहत पाने के लिए बार-बार पेनकिलर्स खाना ही नए सिरदर्द की वजह बन जाता है, जिसे मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक कहते हैं। इसके अलावा, एक स्थिति ऐसी होती है जिसे कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए- अगर जिंदगी में पहली बार अचानक से इतना तेज और भयंकर सिरदर्द उठे जो बर्दाश्त से बाहर हो, तो यह दिमाग से जुड़ी किसी गंभीर इमरजेंसी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में बिना देर किए तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

NINDS (NIH) के अनुसार, यदि सिरदर्द के साथ इनमें से कोई भी लक्षण हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें-

  • अचानक बहुत तेज सिरदर्द
  • बोलने में दिक्कत
  • शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन
  • बेहोशी
  • बार-बार उल्टी
  • तेज बुखार और गर्दन अकड़ना
  • सिर पर चोट के बाद दर्द शुरू होना
  • देखने में परेशानी

सिरदर्द से बचने के लिए क्या करें?

हर सिरदर्द को रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ आदतें जोखिम कम कर सकती हैं-

  • पर्याप्त नींद लें।
  • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।
  • भोजन समय पर करें।
  • तनाव कम करने की कोशिश करें।
  • लंबे समय तक स्क्रीन देखने पर बीच-बीच में आंखों को आराम दें।
  • डॉक्टर की सलाह के बिना बार-बार दर्द की दवा न लें।

क्या हर सिरदर्द में स्कैन कराना जरूरी है?

अधिकांश सिरदर्द गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होते। डॉक्टर मरीज के लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और न्यूरोलॉजिकल जांच के आधार पर तय करते हैं कि सीटी स्कैन या एमआरआई जैसी जांच की जरूरत है या नहीं।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।