6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

शरीर में है विटामिन डी की कमी तो इन फूड्स को करें डाइट में शामिल, स्वास्थ्य होगा बेहतर

विटामिन डी हड्डियों के सेहत के लिए तो जरूरी हैं ही साथ ही साथ और बॉडी पार्ट्स को सुरक्षित रखने में करते हैं मदद। इसलिए इन फूड्स को जरूर करें डाइट में शामिल।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Neelam Chouhan

•

Updated: 22 Oct 2021, 3:57 PM IST

शरीर में है विटामिन डी की कमी तो इन फूड्स को करें डाइट में शामिल, स्वास्थ्य होगा बेहतर

vitamin D rich foods

नई दिल्ली। बॉडी में यदि विटामिन डी कि कमी होती है तो ऐसे में आपको बहुत सारे दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। विटामिन डी के सेवन से हड्डियां मजबूत रहती हैं और सेहत भी फिट रहती है। विटामिन डी का सेवन वहीं हेल्थ के लिए अच्छा होता है क्योंकि ये इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है।
इसलिए आपको भी जानना चाहिए कि कौन से ऐसे फूड्स हैं जिनमें विटामिन डी कि प्रचुर मात्रा पाई जाती है।

फैटी फिश
फैटी फिश कि बात करें तो ये विटामिन डी का एक अच्छा सोर्स होता है। वहीं इसमें कई प्रकार के विटामिन्स, मिनरल्स, कैल्शियम, प्रोटीन आदि चीज़ें प्रचुर मात्रा में पाई जाती हैं।

मशरूम
मशरूम कई रोगों से बचा के रखने में मदद करता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी पाया जाता है। वहीँ मशरूम का सेवन आंखों कि हेल्थ और ग्रोथ के लिए भी लाभदायक होता है।

अंडा
अंडे का सेवन सेहत को बहुत लाभ पहुंचाता है। वहीँ अंडे के पीले भाग में फैट और सफ़ेद पार्ट में कैल्शियम और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। रोजाना अंडे का सेवन आपको बहुत लाभ पहुंचाता है।

दूध
दूध का सेवन सेहत के लिए लाभदायक होता है। इसमें विटामिन डी के साथ- कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए आपको रोजाना एक गिलास दूध का सेवन जरूर करना चाहिए।

संतरे का जूस
संतरे के जूस में विटामिन डी की भरपूर मात्रा होती है। संतरे का जूस का सेवन हड्डियों को मजबूत बनाता है। वहीँ फोलेट,पोटाशियम की भी भरपूर मात्रा होती है

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।