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Health tips : आंखों की रोशनी बढ़ाने में लाभकारी है ये योग आसन

योगा के अनेक फायदे हैं परंतु क्या आपको पता है कि कुछ खास योगासन को अपने रुटीन में शामिल कर आप अपने आंखों की रोशनी को प्राकृतिक रूप से बढ़ा सकते हैं।
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नई दिल्ली

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Divya Kashyap

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Updated: 11 Oct 2021, 1:10 PM IST

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नई दिल्ली। आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने में योग की बहुत बड़ी भूमिका है। योग का नियमित अभ्यास न सिर्फ आंखों की रोशनी को बेहतर करता है। बल्कि, ये मांसपेशियों को भी इतना हेल्दी बना देता है कि, इससे चश्मे का नंबर भी कम किया जा सकता है। इसलिए, इस आर्टिकल में हम आपको आंखों की रोशनी को बढ़ाने वाले आसान प्राणायाम के बारे में जानकारी देंगे। इन योगासन के अभ्यास से आप भी अपने विजन और आई साइट को बेहतर बना सकते हैं।

हलासन

हलासन का अभ्यास आंखों पर जोर डालता है। ये आंखों और चेहरे के आसपास की मांसपेशियों में रक्त संचार को बढ़ा देता है। इस आंखों की रोशनी को काफी हद तक बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

बकासन

बकासन को एक बार में अधिकतम 30 से 60 सेकेंड तक ही करना चाहिए। इस आसन के नियमित अभ्यास से आंखों की रोशनी को लंबे समय तक अच्छी बनाए रखने में मदद मिलती है।

सर्वांगासन
सर्वांगासन हठ योग का आसन है। इसे मध्यम कठिनाई या इंटरमीडिएट लेवल का आसन माना जाता है। इसे करने की अवधि 30 से 60 सेकेंड की बताई जाती है। सर्वांगासन से दिमाग की ओर वापस लौटने वाले रक्त की अधिक मात्रा के कारण आंखों की रोशनी भी ठीक होने लगती है।

चक्रासन

चक्रासन को व्हील पोज भी कहते हैं। इस मुद्रा में पहिये के जैसे ऊपर की ओर झुकाव होता है। इस आसन के अभ्यास से आंखों पर जोर पड़ता है और आंखों की रोशनी बेहतर होने लगती है। चक्रासन के नियमित अभ्यास से नेत्र ज्योती को बड़ी उम्र तक बनाए रखने में मदद मिलती है

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।