
नई दिल्ली। बरसों से चल रहे अयोध्या विवाद का आखिरकार अंत हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाकर राम मंदिर के बनने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके लिए कोर्ट ने केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार को तीन महीने के भीतर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि अयोध्या में बनने वाला राम मंदिर गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर बनेगा। क्योंकि इसे बनाने के लिए भी केंद्र सरकार ने पहले ट्रस्ट का गठन किया था।
गुजरात में नरेंद्र मोदी का राज था। बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने गुजरात में सोमनाथ मंदिर की देखरेख में अहम भूमिका निभाई थी। ऐसे में रामलला की जन्मभूमि पर राम मंदिर बनाने को लेकर भी वैसे ही हालात पैदा हो गए है। ऐसे में जानकारों के मुताबिक राम मंदिर निर्माण में गुजरात की झलक देखने को मिलेगी। इसमें उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की भी अहम भूमिका रहेगी।
मालूम हो कि सन् 1025 में महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था और मंदिर की सम्पत्ति लूट ली थी। जबकि मंदिर के ढांचे को नष्ट कर दिया था। ऐसे में सोमनाथ मंदिर को लेकर भी विवाद चल रहा था। इसके बाद गुजरात के राजा भीम और मालवा के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया। मगर सन् 1297 में जब दिल्ली सल्तनत ने गुजरात पर कब्जा किया तो इसे दोबारा गिरा दिया गया। ऐसे में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और विनाश का सिलसिला जारी रहा। अंत में सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर का फिर से निर्माण कराया था।
Updated on:
09 Nov 2019 02:17 pm
Published on:
09 Nov 2019 02:17 pm
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