
नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Coronavirus) अब तक 200 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। दुनिया भर में अब तक कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित लोगों की संख्या 16 लाख को पार कर गयी है, जबकि कोविड 19 से मरने वाले लोगों की संख्या 85 हजार के करीब हो गयी है। अमेरीका में रोजाना हजारों मामले सामने आ रहे हैं। भारत में भी कोरोना का ग्राफ तेज़ी से बढ़ा है।
देश में अब तक कोविड19 (covid 19 india) के कुल 6,412 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 199 लोगों की जान जा चुकी है। ये आकंड़े अन्य देशों के मामले में बहुत कम है। लेकिन इसकी वजह कोरोना कोरोना वायरस टेस्ट का कम होना।
एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में अब तक 6,412 से कम संक्रमित मामले और 2 लाख से भी कम परीक्षण हुए हैं। इसका मतलब है कि भारत ने प्रति मिलियन जनसंख्या पर 100 से भी कम परीक्षण किए गए हैं ।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस टेस्ट को लेकर भारत में अभी और गंभीरता लाने की ज़रूरत है। सवा अरब से ज़्यादा आबादी वाले देश में जिस तरह कोरोना वायरस के लिए स्क्रीनिंग और सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं वो बेहद कम हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी ऐसे व्यक्ति में इस वायरस की मौजूदगी है, जो कभी न तो विदेश गया और ही ऐसे किसी व्यक्ति के संपर्क में आया तो ख़तरा और बढ़ सकता है।
भारत में कोरोना को लेकर बहुत कम टेस्ट हुए हैं। इस लिए आंकड़ो में भी कमी है। इतना ही नहीं देश में ऐसे सेंटर कम ही हैं जहां कोरोना के टेस्ट हो सके। भारत में कोरोना वायरस के टेस्ट के लिए हर राज्य में कुछ चुनिंदा अस्पतालों को ही सेंटर बनाया गया है, जो कि आबादी के लिहाज़ से पर्याप्त नहीं हैं।
Published on:
10 Apr 2020 04:45 pm
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