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संस्कृति, परंपरा और महिला उद्यमिता का अनूठा संगम… मानव दीप रंगोली में साकार की रामायण, दीपों की रोशनी में जगमगाए राम-सीता, लक्ष्मण और हनुमान

दीपों की रोशनी, रामायण के जीवंत प्रसंग और 200 से अधिक लोगों की सामूहिक सहभागिता... हुब्बल्ली में आयोजित सात्विक कार्निवल 2.0 में भारतीय संस्कृति और परंपरा का अनूठा रंग देखने को मिला। यहां लोगों ने मिलकर मानव दीप रंगोली के माध्यम से भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों को साकार किया। इस अनूठी प्रस्तुति ने आस्था, एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश दिया।
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हुबली

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ASHOK SINGH RAJPUROHIT

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Updated: 30 Oct 2026, 8:43 PM IST

संस्कृति और परंपरा का संगम: सात्विक कार्निवल 2.0 में अतिथियों के साथ आयोजक मंडल की महिलाएं।

संस्कृति और परंपरा का संगम: सात्विक कार्निवल 2.0 में अतिथियों के साथ आयोजक मंडल की महिलाएं।

भारतीय विरासत की झलक

कुसुगल रोड स्थित स्पोर्ट्स स्पेस में आयोजित इस कार्निवल में रामायण की थीम पर सजावट से लेकर मनोरंजक गतिविधियों तक हर जगह भारतीय विरासत की झलक दिखाई दी। आयोजन में महिला उद्यमिता और पारंपरिक खानपान को भी विशेष स्थान मिला। करीब 25 बिक्री स्टॉलों और 10 सात्विक फूड स्टॉलों के माध्यम से महिलाओं को अपने हुनर और उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच मिला। आयोजक लेखा खोना, वीणा सोलंकी और प्रियल चौहान की ओर से आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि नंदिनी मजेठिया, श्रावणी पवार और शंकरन्ना मुनवल्ली की उपस्थिति में हुआ। इस वर्ष कार्निवल की थीम रामायण पर आधारित रही। आयोजन स्थल की सजावट, फोटो बूथ और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को जीवंत रूप दिया गया। आयोजन का मूल संदेश था कि आधुनिकता और प्रगति के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों और पहचान को भी सहेजकर रखना जरूरी है।

रामायण के प्रसंगों से जुड़ी गतिविधियां बनी आकर्षण

कार्निवल में रामायण से प्रेरित गतिविधियों ने बच्चों और बड़ों को खासा आकर्षित किया। हनुमान चैलेंज के तहत संजीवनी बूटी की थीम पर तैयार फोटो बूथ पर प्रतिभागियों ने मनोरंजक गतिविधियों में हिस्सा लिया। वहीं, धनुष-बाण गतिविधि में भी लोगों ने उत्साह दिखाया। इसके अलावा ड्रॉइंग, फैंसी ड्रेस, मोनो एक्ट और क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बच्चों और वयस्कों के लिए मनोरंजक खेलों की भी व्यवस्था रही। विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।

महिला उद्यमियों को मिला कारोबार का मंच

कार्निवल में महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। करीब 10 सात्विक फूड स्टॉलों पर महिलाओं ने घर पर तैयार पारंपरिक व्यंजन प्रस्तुत किए। वहीं, 25 बिक्री स्टॉलों पर महिला उद्यमियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। दिवाली के मद्देनजर हाथ से तैयार सजावटी वस्तुएं, हस्तनिर्मित उत्पाद और अन्य आकर्षक सामग्री भी प्रदर्शित की गई। इस पहल ने महिलाओं को अपनी रचनात्मकता, हुनर और व्यावसायिक प्रतिभा सामने लाने का अवसर दिया।

मानव दीप रंगोली में दिखी सामूहिक आस्था

कार्निवल का सबसे यादगार आकर्षण 200 से अधिक लोगों की सहभागिता से तैयार मानव दीप रंगोली रही। प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों को साकार किया। शंकरन्ना मुनवल्ली भी इस विशेष प्रस्तुति का हिस्सा बने। बच्चों, युवाओं और बड़ों की एकजुट भागीदारी ने इस प्रस्तुति को खास बना दिया। दीपों और मानवीय सहभागिता के जरिए भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और सामूहिक आस्था का संदेश दिया गया।

विभिन्न संस्थाओं ने दिया सहयोग

कार्यक्रम में स्वर्णा ग्रुप ऑफ कंपनीज के डॉ. वी.एस.वी. प्रसाद मुख्य सहयोगी रहे। ऑर्किड्स कूल इंटरनेशनल, जंबो द मेगा स्टोर, लिटिल प्लैनेट, जेएम मार्बल्स और बादशाह मसाला ने भी आयोजन में सहयोग किया। आयोजकों ने कहा कि कार्निवल का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। भविष्य में इसे और बड़े स्तर पर आयोजित करने की योजना है।