
इंदौर. महज साढ़े ११ साल की दुष्कर्म पीडि़ता का गर्भ गिराने की अनुमति के लिए पिता ने हाई कोर्ट में गुहार लगाई है। कोर्ट ने चीफ मेडिकल ऑफिसर को बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और गर्भ गिराने की संभावनों से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
याचिका पर शुक्रवार को जस्टिस पीके जायसवाल की कोर्ट में सुनवाई होना थी, जो नंबर नहीं आने से टल गई। अब सोमवार को बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट पेश होने के बाद उसका करीब ३० सप्ताह का गर्भ गिराने को लेकर कोर्ट फैसला सुनाएगी। मामला रतलाम जिले के जावरा निवासी नाबालिग पीडि़ता का है।
याचिका में पीडि़त बच्ची के पिता की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट अक्षत पहाडिय़ा के मुताबिक १० सितंबर २०१७ को पीडि़ता के घर के पास ही रहने वाले आरोपित ने सेंव-परमल खिलाने के बहाने उसे अपने घर बुलाया और दुष्कर्म किया। बच्ची को जान से मारने की धमकी देने पर उसने परिजन को जानकारी नहीं दी।
निचली कोर्ट में भी की थी अपील
9 मार्च को बच्ची को पेट में दर्द होने पर परिजन उसे डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, जहां जांच में उसके गर्भवती होने की जानकारी मिली। सोनोग्राफी सहित अन्य जांच कराने के बाद परिजन ने स्थानीय कोर्ट से गर्भपात की अनुमति मांगी, जो नहीं मिलने पर २ अप्रैल को हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। डॉक्टरों की रिपोर्ट के बाद कोर्ट इस पर निर्णय देगी।
रतलाम सीएमओ से मांगी रिपोर्ट
कोर्ट ने रतलाम सीएमओ को बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। मिली जानकारी के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट तैयार है, लेकिन शुक्रवार को याचिका का नंबर नहीं आने से पेश नहीं हो सकी। रिपोर्ट में कहा है कि गर्भपात किया जा सकता है, लेकिन रतलाम में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने से इसे इंदौर में कराया जाए। सोमवार को सुनवाई के बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
Updated on:
14 Apr 2018, 11:14 AM IST
Published on:
14 Apr 2018, 11:13 AM IST
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