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खाद्य तेल संकट गहराया, 24 मिलियन टन की डिमांड लेकिन 10 मिलियन ही उपलब्ध

खाद्य तेलों में विदेशों पर निर्भरता बढ़ी, दो तिहाई तेल का आयात, अंतरराष्ट्रीय सोया सम्मेलन में एक्सपर्ट ने देश में खाद्य तेलों के उत्पादन पर जताई चिंता    
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इंदौर

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deepak deewan

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Updated: 9 Oct 2022, 11:28 AM IST

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दो तिहाई तेल का आयात

इंदौर. खाद्य तेलों edible oils का बेलगाम आयात भारत को ऑइल सीड्स क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने से दूर कर रहा है। इससे तेल महंगे भी हो रहे हैं. इसे लेकर देश में सोयाबीन प्रसंस्करण की सर्वोच्च संस्था सोपा ने चिंता जाहिर की है। इंदौर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सोया सम्मेलन International Soya Conference held in Indore में देश-विदेश से आए एक्सपर्ट ने अपने विचार साझा किए। दो दिवसीय सोया सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को सोया इंडस्ट्रीज के एक्सपर्ट ने बताया कि सोयाबीन सेक्टर में देश किस तरह ऑइल सीड्स, खाद्य तेलों, सोया प्रोटीन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय सोया सम्मेलन International Soya Conference में कहा गया कि कृषि प्रधान देश होने पर भी 2 तिहाई तेल आयात करना पड़ रहा है। यही कारण है कि देश में खाद्ये तेल महंगा भी है. देश की आबादी के अनुसार 24 मिलियन टन खाद्य तेल की मांग है, जबकि हमारे पास महज 10 मिलियन टन ही खाद्य तेल है। देश में खाद्य तेल संकट गहरा रहा है। इसमें सोयाबीन का तेल मुख्य है। इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने पर सरकार को जोर देना होगा।

यह चिंतन व सुझाव
फूड इंडिया के चिन्मयी देउलगांवकर ने कहा, तिलहनी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों ने अनाज उत्पादन को बढ़ावा दिया है। जब तक किसान गेहूं, धान व अन्य अनाजों की तरह ऑइल सीड वाली खेती नहीं करेंगे, तब तक तेल में आत्मनिर्भर नहीं होंगे।

आइआइएसआर के डॉ. संजय गुप्ता ने कहा, सरकार द्वारा पोल्ट्री उद्योग की मांग पर साढ़े पांच लाख टन जीएम सोयाबीन आयात करने से घरेलू बाजार में सोयाबीन के भाव कम हुए हैं। कुछ संस्थाएं गलत तरीके से जीएम सोयाबीन का आयात कर रही हैं। जीएम सोयाबीन में खरपतवार नाशक एंजाइम रहता है, जो शरीर के लिए घातक है।

आयात शुल्क बढ़ाएं
सोपा के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डीएन पाठक ने बताया, तेल के आयात में कुछ प्रतिशत कटौती किसानों के हित में होगी। कच्चे सोयाबीन तेल पर 45 व सूरजमुखी तेल पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क बढ़ाया जाए।

मप्र अव्वल
सोपा के अध्यक्ष डॉ. डेवीस जैन ने बताया, देश में 18 लाख टन सोयाबीन तेल का उत्पादन है, जबकि मांग ज्यादा होने से 36 लाख टन आयात करते हैं। 80 लाख टन पॉम ऑइल व 20 लाख टन सूरजमुखी तेल भी आयात होता है। मप्र तेल की उपलब्धता में देश में अव्वल है। मप्र में 45%, महाराष्ट्र में 35%, राजस्थान में 10% सोयाबीन होता है।