इंदौर. बेटा ये नौकरी छोड़ दे। इसमें पल-पल खतरा है। कभी कुछ हो गया तो हम तो मर ही जाएंगे। तेरे सिवा हमारा है ही कौन? ये बात नक्सली हमले में शहीद हुए सागर के लाजपतपुरा वार्ड निवासी प्रदीप लारिया की मां ने तब कही थी, जब प्रदीप एक अन्य हमले में शहीद हुए अपने चचेरे भाई सुनीत लारिया की पुण्यतिथि में शामिल होने सागर आए थे। मां की इस चिंता पर तब प्रदीप ने कहा था कि मां जिंदगी और मौत तो ऊपर वाले के हाथ में होती है। मेरे लिए देश सेवा से बढ़कर कुछ भी नहीं है। इसमें भले ही मेरे प्राण क्यों न चले जाएं...। यह कहकर प्रदीप उड़ीसा रवाना हो गए।