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खाने-पीने की चीजों में मिलावट की तो अब बच नहीं पाएंगे, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस, मिलेगी ये सजा

मिलावटखोरों के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई, आरोपियों को सजा दिलाने की तैयारी
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इंदौर

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Reena Sharma

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Updated: 11 Aug 2019, 11:25 AM IST

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खाने-पीने की चीजों में मिलावट की तो अब बच नहीं पाएंगे आप, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस, मिलेगी ये सजा

इंदौर. प्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ शुरू हुई मुहिम में आरोपियों को सजा दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट के निर्देश के बाद सभी विभाग मिलकर अभियोजन को मजबूत करने में जुटे हैं।

भिंड-मुरैना में सिंथेटिक दूध के गोरखधंधे का खुलासा होने के बाद से इंदौर सहित पूरे प्रदेश में मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर मुहिम चलाई जा रही है। गत दिनों सिलावट ने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, निगम, खाद्य विभाग के अफसरों की बैठक लेकर निर्देश दिए थे। इसके बाद शुक्रवार को जिले में पहली बार मिलावट करने वाले सिद्धार्थ जैन व

शुभम पर रासुका की कार्रवाई हुई।

1 अप्रैल 2018 से इस वर्ष जुलाई तक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने 214 नमूने लिए हैं। जुलाई से शुरू हुई मुहिम में अब तक 109 सैंपल लिए गए। इनमें से 3 रिपोर्ट ही मिली हैं। अब तक 59 नमूने जांच में फेल मिले हैं। इनमें से 47 प्रकरण दायर किए गए। 15 मामलों में करीब चार लाख रुपए जुर्माना वसूला गया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया, 1 अप्रैल 2018 से अब तक 6 प्रकरण पुन: जांच के लिए भेजे गए हैं। 3 नमूनों की रिपोर्ट आना बाकी है। 3 प्रकरण अभियोजन की स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं।

महू में पांच स्थानों से लिए गए सैंपल

शनिवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने महू में गीतांजलि डेरी खान कॉलोनी से गाय के दूध, गवली डेरी खान कॉलोनी से मिक्स दूध, श्री लक्ष्मीनारायण डेरी मार्केट चौक से घी, कृष्णा डेरी माणक चौक से पनीर और प्रेम डेरी माणक चौक से दही के नमूने लिए। वहीं रिंग रोड पर मुखबिर की सूचना पर लोडिंग वाहन पनीर ले जाते पकड़ा। प्रारंभिक जांच में पनीर में कोई खराबी नहीं मिलने पर सैंपल लेकर गाड़ी छोड़ दी गई।

-पहली बार इतने कम वक्त में 5 रासुका और १४ एफआईआर के साथ जिलाबदर की कार्रवाई की गई। कार्रवाई जारी रहेगी। दोषियों को सजा दिलाने के लिए मामलों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाएंगे। फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करेंगे।

- तुलसी सिलावट, स्वास्थ्य मंत्री

खाद्य प्रकरणों के मजबूत अभियोजन के लिए शासकीय वकील नियुक्त किया है। प्रकरणों की बारीकी से जांच और फॉलोअप करने के निर्देश दिए गए हैं।

- अजयदेव शर्मा, एडीएम