
साहब ने पूछा क्या बोलना है, मैंने बोल दिया जो करना कर दो
इंदौर . फांसी की सजा के बाद मासूम बच्ची के हत्यारे नवीन को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। बताया जाता है कि सजा मिलने के बाद जेल अफसरों ने उससे पूछा तो यही बोला कि कुछ भी नहीं हुआ है। कोर्ट में साहब ने पूछा था- कुछ बोलना है तुम्हें। मैंने कह दिया, जो करना है कर दो।
राजबाड़ा पर बच्ची के साथ में दुष्कर्म कर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने नवीन को फांसी की सजा दी है। सजा के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच में जेल भेज दिया गया। सजा का फैसला आने के बाद उसे फांसी वार्ड में अन्य कैदियों के साथ में रख दिया गया है।
इसके अलावा फांसी की सजा पाने वाले कैदी के लिए जो औपचारिकताएं होती हैं वे पूरी कर ली गई हैं। जेल अफसरों से हुए सामने के दौरान हत्यारा सामान्य ही दिखा। उसे लग ही नहीं रहा था कि उसे फांसी की सजा सुनाई गई है। जब अफसरों ने कोर्ट के बारे में पूछा तो इतना बोला कि साहब ने पूछा था कि तुम्हें कुछ कहना है तो उसने यह कह दिया कि कुछ नहीं कहना जो भी करना वह कर दो।
फांसी वार्ड में जाने के बाद भी उसने जेल में आराम से खाना भी खाया। यहां तक कि सुबह भी कोई असर नहीं दिखा। बताया जाता है कि इससे पहले कोर्ट जाते हुए भी उसे कुछ लग ही नहीं रहा था कि आज उसके मामले में फैसला आने वाला है।
सेंट्रल जेल में कैदी की मौत
सेंट्रल जेल जेल में बंद एक कैदी की कल रात को इलाज के दौरान मौत हो गई है। पुलिस के अनुसार बंसतीलाल पिता
बंशीलाल (42) को नीमच जेल से इंदौर भेजा गया था। वह काफी समय से बीमार चल रहा था। सेंट्रल जेल से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर उसने कल रात को दम तोड़ दिया।
Published on:
13 May 2018, 3:42 PM IST
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