
कॉलेज का खर्चा कॉलेज के जिम्मे
डॉ. आंबेडकर नगर (महू).
दरअसल, विवि कुलपति प्रो. डॉ. सीताप्रसाद तिवारी ने दो साल पहले वेटनरी कॉलेजों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर करने के लिए निर्देश जारी किया था। जिसका असर अब दिखने लगा है। वेटनरी कॉलेज महू ने गत वर्ष 47 लाख रुपए की आय अर्जित की है। जानकारी के अनुसार पहले वेटनरी कॉलेज महू को क्लनिक, रिसर्च, जांच आदि के लिए सीमित संख्या में बजट मिलता था। जिसके चलते नए काम नहीं हो पा रहे थे। कुलपति प्रो. डॉ. सीताप्रसाद तिवारी ने बताया कि 2020-21 में कॉलेजों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नया प्रयोग शुरू किया था। जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। कॉलेज की जो भी आय हो रही है, उसका 70 फीसदी उन्हें वापस लौटा दिया जाता है। कॉलेज के सभी विभागों में अलग-अलग अर्निंग के टारगेट दिए गए हैं।
टारगेट ज्यादा हुई आय
कॉलेज डीन डॉ. आरके जैन ने बताया कि 2020-21 में कॉलेज के 15 विभागों को 57.84 लाख रुपए का टारगेट मिला था। हमने 21.39 लाख रुपए की अर्निंग की। कुछ विभागों में टारगेट काफी ज्यादा थे। इसलिए विवि द्वारा 2021-22 में नया टारगेट 36 लाख 84 हजार रुपए दिया गया। इस वित्तीय वर्ष में हमने 47 लाख 44 हजार आय अर्जित की है। जिससे कॉलेज में कई काम जाने हैं। नई एक्सरे मशीन भी ली है।
2 लाख रुपए का सप्लीमेंट बेचा
कॉलेज के अलग-अलग विभागों ने अपने टारगेट के हिसाब से काम और आय हासिल की। पशुओं के रोग संबंधित बीमारी को दूर करने के लिए विभाग ने खुद का सप्लीमेंट तैयार किया और बेचा। इससे 2 लाख रुपए की अर्निंग हुई। इसी तरह कॉलेज के क्लीनिक में इलाज के लिए 50 रुपए फीस तय की गई है। इसके अलावा सर्जरी के लिए 200 से 1500 रुपए तय है।
ऐसे हो रही आय
-क्लीनिक में पशुओं के इलाज से
-पशुओं और डेयरी को लेकर होने वाली ट्रेनिंग से
-ऑनलाइन सेमिनार से
-सप्लीमेंट से
-पशु आहार की जांच से
-कड़कनाथ की बिक्री
-पशु संबंधी दवाएं
Published on:
30 Jun 2022 11:08 am
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