
कोरोना वायरस : मजदूरों की सेवा, लापरवाही न बन जाए सजा
इंदौर। जरूरतमंदों की सेवा करना कोई बुरा नहीं है, लेकिन इसके लिए लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन किया जाना खतरनाक साबित हो सकता है। महाराष्ट्र से बड़े पैमाने पर मजदूरों का पलायन हो रहा है, जो इंदौर होकर उत्तरप्रदेश व बिहार जा रहे हैं। उनकी मेहमाननवाजी को लेकर बायपास पर कई समाजसेवी आ गए हैं। कहीं ये सेवा शहर के लिए मुसीबत न बन जाए, क्योंकि महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर कोरोना फैला हुआ है और समाजसेवियों के स्टाल पर लॉक डाउन की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं। ऐसे में यह संक्रमण फैल गया तो मुश्किल हो जाएगी।
कोरोना लॉक डाउन के चलते लाखों की संख्या में महाराष्ट्र से मजदूरों ने अपने घरों की ओर रुख कर दिया है। यूपी, बिहार और मध्यप्रदेश के गुना व ग्वालियर बेल्ट में जाने वाले हजारों मजदूर इंदौर से होकर गुजर रहे हैं। ये सिलसिला १० दिनों से जारी है। इधर बायपास पर सेवा करने वालों की अचानक बाढ़ आ गई है। राऊ सर्कल के पहले पिगडंबर से मांगलिया टोल के बीच में १०० से ज्यादा पंडालों में स्टाल लगे हैं।
प्रत्येक स्टाल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता हैं, जो महाराष्ट्र से आने वाली गाडिय़ों को जबर्दस्ती रोक-रोक कर सामग्री बांट रहे हैं। स्टालों के आसपास गाडिय़ां लग जाती हैं और उतरकर लाइन में लगाकर खाद्य सामग्री व पेय लेने खड़े हो जाते हैं। एक भी जगह पर सरकार के निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा।
चाहे वह स्टाल में खड़े समाजसेवी हों या मजदूर। अच्छी भावना से की जा रही उनकी ये सेवा शहर के लिए कहीं मुसीबत न बन जाए। महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में कोई पॉजिटिव संपर्क में आ गया तो समाजसेवियों की फजीहत हो जाएगी।
ढाबे वालों की तरह लग रही पुकार
आमतौर पर नेशनल हाइवे पर बने ढाबों के बाहर उनके कुछ कर्मचारी खड़े रहते हैं जो आने-जाने वाली गाडिय़ों को न्योता देते हैं। ठीक ऐसे ही हाल बायपास पर नजर आए। भाजपा नेता मनोज ठाकुर के स्टाल पर युवक भगवा झंडा लेकर सड़क पर खड़े थे, जो लोगों को बुला रहे थे। वहीं रास्तेभर अलग-अलग जैकेट पहने और हाथ में डंडा लिए लोग सड़क पर खड़े थे और गाडिय़ों को रोक कर भोजन और पानी के लिए आवाज लगा रहे थे।
पानी से लेकर फ्रूट तक
सैकड़ों स्टालों पर अलग-अलग प्रकार की सामग्री का वितरण हो रहा है। इनमें पानी की बोतल, शरबत, सब्जी-पूड़ी, पुलाव, खिचड़ी, बिस्किट, सत्तू, तरबूज-खरबूज, कोल्ड ड्रिंक सहित कई खाद्य सामग्री बांटी जा रही है। इसके अलावा कुछ जगहों पर डॉक्टरों ने अस्थाई क्लीनिक खोल रखे हैं तो दवाइयों का वितरण भी हो रहा है। कुछ जगहों पर इलेक्ट्रॉल व ग्लूकोज भी दिया जा रहा है। चप्पल और कपड़ों का भी वितरण हो रहा है,जबकि पैदल चलने वाले यात्रियों की संख्या खत्म हो गई है। फिर भी गाड़ी से उतरकर मजदूर अपने नाप की चप्पल पहन रहे हैं और नेता उन्हें पहनाने कर खुश हो रहे हैं।
निगम के स्टाल बंद
गौरतलब है कि नगर निगम ने भी कुछ जगहों पर अपने स्टाल लगा रखे हैं, जिसमें पानी और भोजन के पैकेटों का वितरण किया जा रहा है। कल शाम को इनमें से अधिकांश स्टाल बंद हो गए। वहीं सहारा सिटी के सामने भोजन के पैकेट वैन के ऊपर रखकर कुछ सिपाही खड़े थे। मजेदार बात ये है कि बुलाए जाने के बावजूद उनसे कोई नहीं ले रहा था।
Published on:
18 May 2020 11:55 am
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