
Dausa bus accident- हादसे में इंदौर के दीपक की मौत- image Patrika.com
Indore- दिल्ली- मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर धनावड़- कोलवा के समीप हुए हादसे ने हर इंदौरवासी को दुखी कर दिया है। इस भीषण बस हादसे ने शहर के कई लोगों को हमेशा के लिए छीन लिया। बुधवार तड़के ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस ओवरटेक करते समय ट्रेलर से टकरा गई, जिससे उसमें आग लग गई। हादसे में चालक- परिचालक सहित 8 की मौत हो गई तथा 22 अन्य सवार घायल हो गए। हंस ट्रेवल्स की स्लीपर बस के साथ यह हादसा हुआ। मृतकों में सबसे ज्यादा मध्यप्रदेश के यात्री हैं। सीएम मोहन यादव ने दुर्घटना पर दुख जताया है। बस हादसे में छह यात्री जिंदा जल गए, जबकि दो घायलों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। दुर्घटना में देहरादून से इंदौर लौट रही दिव्या ने अपने पति दीपक को खो दिया। उनका 4 साल का बेटा अस्पताल में बिलख रही मम्मी को दिलासा देते रहा। यह नजारा देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
बस हादसे में ज्यादातर मृतक प्रदेश के इंदौर, खरगोन, सीहोर और झाबुआ जिले के रहने वाले थे। पुलिस के मुताबिक शवों की पहचान डीएनए टेस्ट से होगी। बस में कुल 37 यात्री थे।
अस्पताल में भर्ती घायलों ने बताया कि भीषण टक्कर से जोरदार धमाका हुआ और इसके बाद बस आग का गोला में तब्दील हो गई। यात्री घबरा उठे और आपातकालीन गेट खोलने का प्रयास किया लेकिन दरवाजा भी नहीं खुला। घायलों के अनुसार दमकल भी देर से पहुंची, अन्यथा कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। बस का तो बुरा हाल हुआ ही, ट्रेलर में भी आग लग गई।
हंस ट्रेवल्स की जिस स्लीपर बस के साथ यह दुर्घटना हुई, उसमें इंदौर के दीपक भी अपने परिवार सहित सवार थे। हादसे के बाद पत्नी दिव्या और बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया दिव्या बार-बार गुहार लगाते रहीं कि कोई मेरे पति को ढूंढकर ला दो। 4 साल का मासूम बेटा अपनी मां को दिलासा देता रहा। कहता रहा 'मां, तू रो मत… मैं हूं ना। पापा जरूर आएंगे।' मां दिव्या को वह लगातार ढांढस बंधाते रहा। यह दृश्य देख अस्पताल में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
दिव्या ने बताया कि रात को वह अपने पति और दो बच्चों के साथ बस में सो रही थी। तेज धमाका के कारण नींद खुल गई। देखा तो बस में आग की लपटें उठ रहीं थीं। पति सीट पर नहीं थे और बेटी के सिर से खून बह रहा था। वे तुरंत अपने दोनों बच्चों के साथ नीचे उतर आई लेकिन, पति दीपक कहीं भी नहीं मिले। दिव्या पुलिस और प्रशासन से गुहार लगाते रहीं कि पति को ढूंढकर ला दो। हादसे में उनकी मौत हो गई जबकि बेटा और पत्नी की जान बच गई।
पति दीपक को खो चुकी दिव्या बेसुध हो गईं। वे अफसरों से भी गुहार लगाती रहीं। दिव्या का परिवार देहरादून गया था। वे ऋषिकेश और हरिद्वार होते हुए इंदौर लौट रहे थे। परिवार हंसी खुशी लौट रहा था लेकिन रास्ते में खडी मौत ने दीपक को छीन लिया।
Updated on:
02 Jul 2026 07:07 am
Published on:
02 Jul 2026 07:05 am
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