
अब लगेंगे ऐसे सिग्नल कि हॉर्न बजाते ही रेड हो जाएगी ट्रैफिक लाइट, बनाई जा रही साइलेंट सिटी
इंदौर/ स्वच्छता के मामले में लगातार तीन सालों से देश की नंबर वन बनी रहने वाली मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर शहर अपने नाम कई और रिकॉर्ड कायम करने की तैयारी में हैं। ग्रीनरी और वेस्टेज री यूज का मॉडल बना शहर अब खुद को बेगर फ्री सिटी की तैयारी के बाद अब साइलेंट सिटी बनाने की तैयारी कर रहा है। जिला प्रशासन ने इसकी डेड लाइन मार्च 2021 तक तय की है। इसे लेकर युद्ध स्तर पर मुहिम तेज कर दी गई है।
बेवजह हॉर्न बजाना पड़ेगा भारी
कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव ने इस योजना के तहत बड़ा प्रयोग करने की जानकारी देते हुए कहा- डीआरपी लाइन के पास लगे ट्रैफिक सिग्नल को बदलकर नॉइज सेंसेटिव सिग्नल लगाएंगे। यानी हॉर्न समेत किसी भी तरह की गैर जरूरी आवाज से ट्रैफिक सिग्नल की बत्ती लाल हो जाएगी। साथ ही, रेड सिग्नल होने के बावजूद वाहन चालक द्वारा हॉर्न बजाए जाने पर रेड लाइट का टाइम और बढ़ जाएगा और सिग्नल देर तक ग्रीन नहीं होगा। यही वाहन चालकों के लिए सबक रहेगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर और भी सिग्नल पर इस तरह का प्रयोग किया जाएगा, जिससे लोग ट्रैफिक सिग्नल पर बेवजह हॉर्न बजाने की बुरी आदत से बचेंगे।
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साइलेंट सिटी के लिए यह है रोड मैप
पहले चरण में 39 जगह चिह्नित कर साइलेंट जोन घोषित किया है। इन जगहों पर लोग हॉर्न, डीजे व अन्य शोर करने वाले यंत्र का उपयोग नहीं कर सकेंगे। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाना शुरु कर दिया गया है। अभियान के बाद फिर शोर करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य शहर को न्वाइस पॉल्यूशन से मुक्त करना है।
Published on:
24 Feb 2020, 3:18 PM IST
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