
इंदौर - बड़ा बांगडदा स्थिति पीएम आवास योजना प्रोजेक्ट का काम कर रही राजकोट की कुणाल स्ट्रक्चर नामक कंपनी ने नगर निगम से करोड़ो का भुगतान ले लिया, और उसके एवज में फर्जी बैंक गारंटी निगम को जमा कर दी,कुछ समय पहले काम न करने के कारण नगर निगम ने इस कंपनी को ब्लेक लिस्ट कर टर्मिनेट कर दिया,नगर निगम बैंक गारंटी की राशि राजसात करने जब बैंक पहुंचा तो खुलासा हुआ की बैंक गारंटी ही फर्जी है।नगर निगम ने कंपनी पर केस दर्ज कराने के लिए कोतवाली थाना पुलिस को अब आवेदन दिया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है,इसमे निगम और बैंक अफसरो की भी मिलीभगत की आशंका है । महापौर ने इसके भी जांच के आदेश दिए है।
कंपनी ने किया था काम बंद
दरअसल प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सतपुड़ा परिसर में बन रहे घरों का काम पिछले करीब एक साल से बंद है। जिस निर्माण एजेंसी को यह काम दिया गया था, उसका ठेकेदार दिवालिया घोषित हो गया।और उसने काम करने से इंकार कर दिया और उसका एक लिखित मे पत्र नगर निगम अफसरो को दिया, नगर निगम ने काम करने वाली कुणाल कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 17 करोड़ का जुर्माना लगाते हुए उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया है, और टर्मिनेट कर दिया ।निगम अफसर तो इस बात से खुश थे की उन्होने कंपनी की करीब 13 करोड़ की बैंक गारंटी जब्त कर ली है।और उसे राजसात कर निगम अपने खाते मे ट्रान्सफर करवा लेगा, नगर निगम अफसरो ने जब इसकी प्रक्रिया की तो वह हैरान रह गए।क्यूंकी बैंक गारंटी को निगम खाते मे ट्रान्सफर करवाने की प्रक्रिया हुई तो खुलासा हुआ की कंपनी ने फर्जीवाड़ा कर दिया है ।और करीब 09 करोड़ की बैंक गारंटी दी है , वह फर्जी तरीके से बनाई है।यह बैंक गारंटी महाराष्ट्र ठाणे के एक निजी बैंक से जारी हुई थी ।
पहले हुई शिकायत लेकिन आगे नहीं बढ़ सकी
पीएम आवास योजना के अंतर्गत बन रहे प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री के वांछित प्रोजेक्ट मे से एक है , लेकिन इंदौर मे अधिकतम प्रोजेक्ट में समस्या आ रही है।कुछ समय पहले एजेंसी ने अधिक पैसे लेकर बुकिंग की थी ,इसमे कर्मचारियो की पहचान भी उजागर हो गई थी,मामले मे भी थाने पर शिकायत की थी, पुलिस ने केस भी दर्ज किया लेकिन इसमें जांच आगे नहीं बड़ सकी।अब एक बार फिर नगर निगम का नया फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है।
13 करोड़ की बेंक गारंटी मे 9 करोड़ की फर्जी,दूसरी की भी आशंका
गुजरात राजकोट की कंपनी कुणाल स्ट्रक्चर ने सतपुड़ा परिसर को तैयार करने का कम निगम से लिया था, 2017 मे करीब 100 करोड़ का टेंडर खुला था, यह काम अभी अधूरा ही है, और पिछले एक साल से ठप्प पड़ा है । जिनहोने यहाँ बूकिंग भी की है, उन्हे अब तक पजेशन मिलने का इंतजार है। ठेकेदार समय पर निगम से काम का भुगतान भी लेता रहा, उसके बदले नियम अनुसार कुछ प्रतिशत की बैंक गारंटी जमा की,यह राशि करीब 13 करोड़ रुपए है, जिसमे पहली बैंक गारंटी तो फर्जी निकली है । वही दूसरी बैंक गारंटी की अभी जांच की जा रही है ।उसकी बैंक से डिटेल आना बाकी है । संभावना है कि यह भी फर्जी होगी,अब इसकी निगम और पुलिस अलग अलग जांच कर रहे है ।
दोषियो पर कार्रवाई होगी
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार पीएम आवास योजना का काम कर रही कंपनी ने फर्जी बैंक गारंटी निगम को सौप कर भुगतान लिया है।यह मामला जानकारी मे आते ही अफसर को निर्देश दिए कि इसकी जांच करे,और केस दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने भी आवेदन दिया है ।पुलिस जांच के बाद केस दर्ज करेगी । दोषियो पर कार्रवाई होगी और उनसे वसूली भी होगी
Updated on:
07 Sept 2024 08:40 am
Published on:
07 Sept 2024 08:40 am
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