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12 हजार से ज्यादा सीट के लिए अब तक साढ़े 5 हजार की ही दावेदारी

आरटीई : कोरोना के कारण पिछले साल नहीं दिए थे दाखिले
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इंदौर

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Ramesh Vaidh

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Updated: 24 Jun 2021, 1:40 AM IST

12 हजार से ज्यादा सीट के लिए अब तक साढ़े 5 हजार की ही दावेदारी

इंदौर. निजी स्कूलों में गरीब परिवार के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने के लिए शुरू हुई शिक्षा का अधिकार (आरटीई) योजना में अब तक सीटों की तुलना में आधे रजिस्ट्रेशन भी नहीं हो पाए है। शिक्षा विभाग के अधिकारी बस्तियों व मोहल्लों में पात्र बच्चों के रजिस्ट्रेशन कराने पर जोर दे रहे हैं। पहले चरण के आवेदन ३० जून तक ही किए जा सकेंगे।
इंदौर के निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1686 स्कूलों की 12 हजार 841 सीटें आरक्षित है। बुधवार तक इन सीटों के लिए 5 हजार 578 बच्चों के ही आवेदन मिल सके। पिछले साल आरटीई में दाखिले नहीं होने के कारण उम्मीद जताई जा रही थी कि प्रक्रिया शुरू होते ही रजिस्ट्रेशन के लिए होड़ मचेगी। इसकी एक वजह इस सत्र में उम्र सीमा में एक साल की छूट देना भी माना गया था। लेकिन, उम्मीद के विपरित रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद धीमी रफ्तार से शुरू हुई। हालांकि, अभी पहले चरण में दावेदारी के लिए अभी एक सप्ताह बाकी है, जिससे विभाग को आंकड़ा 8 हजार के पार होने की उम्मीद है। पहली लॉटरी 6 जुलाई को खुलेगी और इसके बाद खाली रहने वाली सीटों के लिए दूसरा राउंड होगा।
सात साल तक के बच्चों को मौका
विभाग ने इस साल सात साल की उम्र तक वाले बच्चों को आरटीई में शामिल करने का फैसला लिया है। नर्सरी से लेकर केजी 2 कक्षा में तीन से पांच साल की उम्र वाले बच्चे और पहली कक्षा के लिए सात साल तक के बच्चों के रजिस्ट्रेशन हो रहे है। जिन बच्चों ने कोविड की वजह से अपने माता-पिता को खो दिया है, यहां तक कि जिन्होंने 1 मार्च, 2021 से 30 जून, 2021 के बीच अपने माता-पिता को खो दिया है, वे भी ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली में भाग लेने के लिए पात्र होंगे।

सत्यापन प्रक्रिया धीमी
आरटीई की सत्यापन प्रक्रिया थोड़ी धीमी चल रही है। फिलहाल सभी का ध्यान टीकाकरण अभियान पर भी है। आरटीई के तहत पंजीकरण के लिए ऑनलाइन विंडो 30 जून तक खुली रहेगी। रजिस्ट्रेशन के बाद दस्तावेज जन शिक्षा केंद्र पर सत्यापित कराना जरूरी है।
- अक्षय सिंह राठौड़, जिला परियोजना समन्वयक, स्कूल शिक्षा विभाग