
मध्यप्रदेश में भी त्रिपल म्यूटेंट के खतरे से चिंतित हैं विशेषज्ञ।
इंदौर। मध्यप्रदेश में बेकाबू हो रहे कोरोना के बीच वायरस के ट्रिपल म्यूटेंट (triple mutant) के खतरे की घंटी बजने लगी है। महाराष्ट्र, बंगाल, दिल्ली और छत्तीससगढ़ के सैम्पलों में वायरस के जीनोम में बदलाव देखकर वैज्ञानिक हैरान हैं। बंगाल के 17 सैम्पल में ट्रिपल म्यूटेंट (bengal strain) के संकेत मिले हैं। चुनावी भीड़ में इसके फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। इंदौर प्रशासन को अलर्ट पर रहने की जरूरत है, क्योंकि अप्रैल में कई लोग बंगाल चुनाव से लौटकर कोरोना ग्रसित हुए हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर सैम्पलिंग और पॉजिटिव मिलने पर जीनोम सिक्वेंसिंग (genome sequence) करना चाहिए।
एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को वायरस के म्यूटेंट में आए बदलाव की जानकारी दी गई है। ट्रिपल वेरिएंट के बारे में बताया गया है। डबल म्यूटेंट वैरिएंट की स्पाइक प्रोटीन में तीसरा म्यूटेशन हुआ है। डॉक्टर्स के अनुसार इंदौर में दूसरी लहर में जिन म्यूटेंट की पुष्टि हुई है, उनमें डबल म्यूटेंट यूके स्ट्रेन या नाइजीरियन स्ट्रेन ने जमकर तबाही मचाई है।
प्रतिरोधक क्षमता को भी देगा चकमा
वैज्ञानिकों के मुताबिक वायरस लगातार बदलाव कर रहा है, जिससे उसके संक्रमण फैलाने की ताकत पर किसी तरह का असर नहीं हो। जीनोम सिक्वेंसिंग कर रहे वैज्ञानिकों को अब कोरोना वायरस के जीनोम में अजीब तरह का व्यवहार मिला है, जिससे वह भविष्य में लोगों क प्रतिरोधक क्षमता को भी चकमा दे सकता है।
अब तीसरे म्यूटेंट की चर्चा
इस बारे में कांटेक्ट ट्रेसिंग के प्रभारी डॉ अनिल डोंगरे कहते हैं कि कोरोना के तीसरे म्यूटेंट की चर्चा हो रही है। इसलिए सतर्कता बरतते हुए बंगाल और छत्तीसगढ़ से आ रहे लोगों में संक्रमण मिलने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
Published on:
23 Apr 2021 11:40 am
