19 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

घाटे में चल रही 28 कंपनियों को बेचकर 65000 करोड़ जुटाएगी सरकार

वर्ष 2019-20 के दौरान सरकार ने विनिवेश के लिए 65000 करोड़ का लक्ष्य रखा कंपनियों में विनिवेश की सैद्धांतिक मंजूरी 2016 से जनवरी 2020 के बीच मिली वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने संसद में उठे सवाल पर दिया लिखित जवाब
2 min read
Google source verification

•

image

Saurabh Sharma

•

Mar 03, 2020

anurag thakur

नई दिल्ली। देश में इस वक्त कुल 28 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकार हिस्सेदारी बेचने में जुटी है। लोकसभा में हुए एक सवाल के जवाब में सरकार ने सोमवार को यह जानकारी दी है। सरकार ने बताया है कि इन कंपनियों में विनिवेश यानी हिस्सेदारी बेचने को लेकर सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई है। दरअसल, तमिलनाडु के डीएमके सांसद पी वेलुसामी ने वित्त मंत्री से घाटे में चल रहीं उन कंपनियों का ब्योरा मांगा था, जिन्हें हिस्सेदारी बेचने के लिए चिह्न्ति किया गया है।

यह भी पढ़ेंः-पहले ही दिन 39 फीसदी सब्सक्राइब हुआ SBI Cards IPO

65 हजार करोड़ जुटाएगी सरकार
जिस पर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लिखित जवाब में बताया कि सरकार हानि और लाभ के आधार पर विनिवेश का फैसला नहीं करती बल्कि उन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में विनिवेश का फैसला करती है जो प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में नहीं हैं। वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2019-20 के दौरान सरकार ने विनिवेश के लिए 65000 करोड़ का लक्ष्य रखा। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सरकार रणनीतिक बिक्री के साथ हिस्सेदारी बेचने आदि प्रक्रियाओं का सहारा लेती है।

यह भी पढ़ेंः-Petrol Diesel Price Today : पेट्रोल और डीजल के दाम में मामूली गिरावट, जानिए आज के दाम

इन कंपनियों से सरकार बेचेगी हिस्सेदारी
वित्तराज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लिखित जवाब में 28 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के नाम भी बताए, जिनमें विनिवेश यानी हिस्सेदारी बेचने की सैद्धांतिक मंजूरी मिली है। ये कंपनियां हैं- स्कूटर्स इंडिया लि., प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट इंडिया लि., ब्रिज एंड रुफ कंपनी इंडिया लि, हिंदुस्तान न्यूज प्रिंट लि., भारत पंप्स एंड कम्प्रेसर्स लि, सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लि., सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लि, भारत अर्थ मूवर्स लि. फेरो अर्थ मूवर्स लि., पवन हंस लिमिटेड, एयर इंडिया और उसकी पांच सहायक कंपनियां और एक संयुक्त उद्यम, एचएलएल लाइफकेयर, भारतय पर्यटन विकास निगम, हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लि., शिपिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया, बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड। इन कंपनियों में विनिवेश की सैद्धांतिक मंजूरी 2016 से जनवरी 2020 के बीच मिली है। नीलांचल इस्पात निगम लिमिडेट में विनिवेश की सैद्धांतिक मंजूरी बीते आठ जनवरी को दी गई।