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मांग में तेजी की वजह से जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 8 साल के उच्चतम स्तर पर

सेक्टर का पीएमआई दिसंबर 2019 के 52.7 से बढ़कर जनवरी 2020 में 55.3 पर पहुंचा उत्पादन साढ़े सात साल के उच्चतम स्तर पर रही, कंपनियों की इंवेंटरी में भी आई कमी
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Saurabh Sharma

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Feb 03, 2020

Manufacturing Sector

Manufacturing activities to an eight-year high in January 2020

नई दिल्ली। नए ऑर्डरों, उत्पादन, निर्यात, कच्चे माल की खरीद और रोजगार में वृद्धि के दम पर इस साल जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर लगभग आठ साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा गया। आईएचएस मार्केट के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) दिसंबर 2019 के 52.7 से बढ़कर गत जनवरी में 55.3 पर पहुंच गया। सूचकांक का 50 से ऊपर रहना गतिविधियों में तेजी और इससे नीचे रहना इसमें गिरावट दिखाता है जबकि सूचकांक का 50 पर रहना स्थिरता का द्योतक है।

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मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी
आईएचएस मार्केट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में विनिर्माण के उपवर्गों में उपभोक्ता वस्तुओं में सबसे अधिक तेजी रही। अंतरिम वस्तुओं के उप वर्ग में वृद्धि का क्रम बना रहा जबकि पूंजीगत वस्तुओं के उप वर्ग में तेजी लौट आई। कई कंपनियों ने बताया कि विपणन की उनकी रणनीति के सफल परिणाम मिले हैं। निर्यात के ऑर्डरों में नवंबर 2018 के बाद की सबसे बड़ी तेजी रही। एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका से सबसे ज्यादा ऑर्डर मिले।

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उत्पादन के साथ खरीद में भी इजाफा
मजबूत मांग के कारण कंपनियों ने अपना उत्पादन भी बढ़ाया। उत्पादन में वृद्धि साढ़े सात साल के उच्चतम स्तर पर रही। मजबूत मांग के कारण कंपनियों की इंवेंटरी में भी कमी आई है। आईएचएस मार्केट की मुख्य अर्थशास्त्री पॉलियाना डी लीमा ने आँकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि कंपनियों को सस्ती लागत का भी फायदा मिला जिससे बिना मूल्य में ज्यादा वृद्धि किए वे उत्पादन बढ़ाने में सक्षम हुए। जनवरी में कारोबारी विश्वास भी बढ़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि गत जनवरी में छह महीने में पहली बार कच्चे माल और आधे तैयार माल का भंडार बनाने की प्रवृत्ति भी देखी गई और यह मई 2017 के बाद के उच्चतम स्तर पर रही।