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जबलपुर। प्रदेश के एक कांग्रेस विधायक पर रेप और अपहरण के मामलों में हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाइ होना था। लेकिन सुनवाइ से पहले एक बार फिर इस मामले में अदालत बदल गइ। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने आदेश जारी किया कि कटारे मामले की सुनवाइ अब जस्टिस सीवी सिरपुरकर करेंगे। जज बदलने के चलते विधायक अग्रिम जमानत की याचिका पर सुनवाइ भी नहीं हो सकी। कोर्ट ने मामले में सुनवाइ की अगली तारीख 3 मइ निर्धारित की है।
ये है मामला
कांग्रेस एमएलए हेमंत कटारे ने अपने ऊपर दर्ज रेप और अपहरण के मालों को निरस्त कराने के लिए मप्र उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इसके साथ ही दो अग्रिम जमानत की याचिका दायर की गइ है। इन मामलों पर शनिवार को जस्टिस राजीव कुमार दुबे की बेंच में सुनवाइ होना था। लेकिन सुनवाइ से पहले ही हाईकोर्ट सीजे ने आदेश जारी करके कांग्रेस विधायक के प्रकरण की सुनवाइ के लिए जस्टिस सीवी सिरपुरकर की कोर्ट को अधिकृत किया। इसके बाद मामले की अगली सुनावइ की तारीख 3 मइ, 2018 निर्धारित की गइ है। यह दूसरा मौका है जब कटारे केस में सुनवाइ कर रहे जज को हटाया गया है। इससे पहले भी कटारे केस की सुनवाइ कर रहे जज राजीव कुमार दुबे को हटाकर मामला जस्टिस श्रीधरन की कोर्ट को सौंपा गया था। लेकिन शिकायतकर्ता के वकील की आपत्ति के बाद केस पुन: राजीव दुबे की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया था। लेकिन 20 अप्रैल, 2018 को सुनवाइ से पहले फिर अदालत बदले जाने से यह मामला फिर चर्चा में आ गया है।
पत्रकारिता की छात्रा ने रेप का लगाया आरोप
भोपाल महिला थाना पुलिस ने पत्रकारिता की एक छात्रा की शिकायत पर भिंड जिले की अटेर विधानसभा से कांग्रेस विधायक कटारे के खिलाफ बलात्कार तथा बजरिया थाना पुलिस ने उसकी मां की शिकायत पर अपहरण के प्रकरण दर्ज थे। इन्हें निरस्त किए जाने के लिए कटारे ने हाईकोर्ट में दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। याचिकाओं में कहा गया है कि शिकायतकर्ता कटारे को ब्लैकमेल कर रही थी। उनसे दो करोड़ रुपए की मांग की जा रही थी। जिसकी शिकायत उन्होंने क्राइम ब्रांच से की थी। क्राइम ब्रांच ने शिकायतकताज़् छात्रा को पांच लाख रुपए की रकम लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।
इससे पहले ये हुआ था
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे द्वारा दायर अंतरिम जमानत की याचिकाओं पर 3 अप्रैल, 2018 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान विधायक द्वारा दायर जमानत की याचिकाओं पर पीडि़ता की ओर से आपत्ति पेश की गई। इन आपत्तियों पर बहस के लिए कटारे की ओर से समय मांगा गया। इस पर कोर्ट सहमति जताते हुए सुनवाइ के लिए अगली तारीख 20 अप्रैल, 2018 तय कर दी थी। तय तारीख पर शनिवार को कोर्ट में सुनवाइ होना था। लेकिन अदालत बदल जाने से केस की सुनवाइ के लिए नइ तारीख जारी की गइ। मामले की सुनवाइ अब 3 मइ को होगी।
Published on:
20 Apr 2018, 1:56 PM IST
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