
Suicide
जबलपुर। सागर जिला अदालत की ओर से 2018 में अभी तक पांच मामलों के अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। इनमें से चार दंडादेश सागर जिला अदालत की ओर से हाईकोर्ट को भेजे जा चुके हैं, जिन पर सुनवाई होनी है। सोमवार को पांचवां मामला भी जिला अदालत के दंडादेश की पुष्टि के लिए मप्र हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा। जस्टिस एसके सेठ व जस्टिस अंजुलि पालो की डिवीजन बेंच ने 24 सितंबर को इस पर सुनवाई नियत की। पांच में से चार मामले रेप, रेप के बाद हत्या से संबंधित हैं।
news fact- सागर जिले से एक और फांसी की सजा का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, 24 सितंबर को होगी सुनवाई
यह है मामला
अभियोजन के अनुसार आरोपित व एक अन्य नाबालिग किशोर ने मिलकर सागर जिले के भानगढ़ थानातंर्गत देवलगांव में 7 दिसंबर 2017 को कक्षा 9 वीं की छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार करने के बाद उस पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी थी। नाबालिग को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां 7 दिन बाद उसकी मौत हो गई थी। 20 अगस्त 2018 को बीना के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक मिश्रा की अदालत ने आरोपी रब्बू उर्फ सर्वेश सेन को मौत की सजा सुनाई थी।
रामचरितमानस मानस का जिक्र
एडीजे मिश्रा ने अपने निर्णय में रामचरित मानस की चौपाई, ‘जस जस सुरसा बदन बढ़ावा, तासु दून कपि रूप दिखावा’ का जिक्र किया था । कोर्ट ने कहा था कि जैसे-जैसे अपराध बढ़ेंगे, वैसे-वैसे इनकी रोकथाम के लिए दंड में कठोरता बरतनी होगी। न्यायाधीश ने क्राइम ऑफ इंडिया के आंकड़ों का हवाला देकर कहा था कि यौन शोषण से संबंधित सर्वाधिक मामले मप्र में दर्ज हुए।
Published on:
18 Sept 2018 11:06 am
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